बेगूसराय में डॉ भीमराव अंबेडकर बहुजन समाज उत्थान समिति साहेबपुर कमाल के बैनर तले सोमवार को ललई सिंह यादव जी का 115 वीं जयंती समारोह का आयोजन किया गया जिसकी अध्यक्षता शशि भूषण पासवान ने किया.
ललई सिंह यादव के प्रारंभिक जीवन और संघर्ष पर प्रकाश
प्रखंड मुख्यालय में आयोजित जयंती समारोह में शशिभूषण ने उनके जीवनी पर प्रकाश डालते हुए कहा कि ललई सिंह यादव का जन्म 1 सितंबर 1911 ई को कानपुर के देहात जिला के कटरा गांव में साधारण किसान परिवार में हुआ था.
अपनी पढ़ाई गांव के सरकारी विद्यालय से किया. 1933 ईस्वी में ग्वालियर सियासत में सशस्त्र पुलिस कांस्टेबल के रूप में काम किया. लेखक और पुलिस सेवा में रहते हुए उन्होंने कर्मचारी के अधिकारों के लिए संघर्ष किया.
शोषित, पीड़ित एवं वंचित समाज के उत्थान के लिए आजीवन संघर्ष
इस अवसर पर अम्बेडकर समाज उत्थान समिति के प्रखंड सचिव नन्ददेव कुमार ने कहा ललई सिंह यादव एक सामाजिक क्रांतिकारी होने के कारण आज पूरा देश उनको इसलिए याद कर रहा है क्योंकि ललन सिंह यादव ऐसे योद्धा थे जिन्होंने शोषित, पीड़ित एवं वंचित समाज का हक और उसके उत्थान के लिए आजीवन आवाज उठाने का काम किया. समाज के उपेक्षित वर्गो को उनका हक दिलाने के लिए अपने जीवन समर्पित कर दिए.
समाज सुधारक, लेखक और पद्मभूषण से सम्मानित व्यक्तित्व
ललई सिंह यादव समाज सुधारक के साथ साथ लेखक भी थे और वह सच्ची रामायण की पुस्तक लिखी थी . सरकार द्वारा उन्हें पद्मभूषण से सम्मानित किया.
जयंती समारोह में दर्जनों गणमान्य लोग रहे मौजूद
इस मौके पर नन्ददेव कुमार, सामाजिक कार्यकर्ता गोपेश कुमार यादव, पप्पू दास, प्रो सुबोध यादव, नवीन कुमार, महेंद्र दास, अमित कुमार, अंबेडकर मिशन बलिया के कोषाध्यक्ष मदन रजक, नगर परिषद बलिया के प्रतिनिधि बहादुर यादव सहित दर्जनों लोग उपस्थित थे.
