Begusarai News: बेगूसराय जिले के जिला एवं सत्र न्यायाधीश (सप्तम) नवीन कुमार श्रीवास्तव की अदालत ने मटिहानी थाना कांड संख्या 163/2023 की अंतिम सुनवाई करते हुए एक चर्चित हत्या मामले में ऐतिहासिक फैसला सुनाया है. अदालत ने मटिहानी थाना क्षेत्र के रामदीरी महाजी टोला निवासी चंदन सिंह, प्रमोद सिंह, गोविंद सिंह और रामबाबू सिंह को हत्या का दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास (उम्रकैद) की सजा सुनाई है.
धारा 302/34 में उम्रकैद, आर्म्स एक्ट में भी मिली सजा
सजा के बिंदु पर सुनवाई पूरी होने के बाद न्यायालय ने चारों अभियुक्तों को भारतीय दंड विधान (IPC) की धारा 302/34 के तहत दोषी पाते हुए आजीवन कारावास और ₹25,000-₹25,000 अर्थदंड की सजा सुनाई. इसके अलावा, शस्त्र अधिनियम (आर्म्स एक्ट) की धारा 27 में दोषी ठहराते हुए 5-5 वर्ष के सश्रम कारावास तथा ₹5,000 अतिरिक्त अर्थदंड का आदेश दिया.
अभियोजन पक्ष की ओर से अपर लोक अभियोजक (APP) विभूति चंद्र झा ने अदालत के समक्ष कुल 10 गवाहों की गवाही कराई, जिसके आधार पर जुर्म साबित हुआ.
खेत जोतने के बहाने ले जाकर की गई थी घनश्याम सिंह की हत्या
मामले की पृष्ठभूमि के अनुसार, घटना 3 नवंबर 2023 की शाम लगभग 3:00 बजे की है. पीड़ित सूचिका पूजा देवी के घर पर नामजद आरोपी चंदन सिंह आया और उनके पति घनश्याम सिंह उर्फ करी सिंह को खेत जोतवाने के बहाने बुलाकर ले जाने लगा. जब सूचिका और उनके देवर राजन कुमार ने जाने से मना किया, तो आरोपी चंदन सिंह ने भरोसा दिलाया कि "हम आपके अपने आदमी हैं, कोई नुकसान नहीं होने देंगे."
बहला-फुसलाकर घनश्याम सिंह को घर से लगभग 100 मीटर दूर ले जाया गया, जहां पहले से घात लगाकर बैठे अन्य सह-आरोपियों (प्रमोद सिंह, गोविंद सिंह और रामबाबू सिंह) ने उन्हें चारों तरफ से घेर लिया और गोली मारकर उनकी नृशंस हत्या कर दी थी.
