पंजाब में बखरी के मजदूर की इलाज के दौरान मौत, गर्भवती पत्नी और तीन बच्चों पर टूटा दुखों का पहाड़

पंजाब के एक ईंट-भट्ठे पर मजदूरी करने गए बिरजू सदा की इलाज के दौरान मौत हो गई. इस खबर से उनके गांव में मातम छा गया. 8 महीने की गर्भवती पत्नी और तीन छोटे बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल है.

बखरी प्रखंड क्षेत्र की बागवन पंचायत के करणपुर गांव के वार्ड 9 निवासी बिन्देश्वरी सदा के 35 वर्षीय पुत्र बिरजू सदा की पंजाब में इलाज के दौरान मौत हो गई. मौत की खबर गांव पहुंचते ही परिजनों में कोहराम मच गया. मृतक की पत्नी,मां और बच्चों के करुण क्रंदन से पूरे गांव का माहौल गमगीन हो गया.

बताया जाता है कि बिरजू सदा करीब एक माह पूर्व गांव के अन्य मजदूर साथियों के साथ रोजगार की तलाश में पंजाब के भटिंडा स्थित डिल्मा क्षेत्र के एक ईंट-भट्ठे पर मजदूरी करने गए थे. सोमवार सुबह करीब 8 बजे अचानक उनके पेट और छाती में तेज दर्द उठा. इसी दौरान उनके मुंह से खून आने लगा. उनकी हालत बिगड़ते देख साथ काम कर रहे रोहित सहनी एवं अन्य मजदूरों ने आनन-फानन में उन्हें अस्पताल पहुंचाया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई.

बिरजू सदा की मौत के बाद उनके परिवार के सामने गंभीर आर्थिक संकट खड़ा हो गया है. मृतक की 30 वर्षीय पत्नी पूजा देवी आठ माह की गर्भवती हैं. पति की मौत की खबर सुनने के बाद से ही उनका रो-रोकर बुरा हाल है. परिजनों के अनुसार वह सदमे में बार-बार बेहोश हो जा रही थी. मृतक के तीन बच्चे हैं, जिनमें 10 वर्षीय राजकुमार, 8 वर्षीय कोमल कुमारी और 5 वर्षीय आशीष कुमार 5 वर्ष शामिल हैं. वही परिवार में कमाने वाले सदस्य की मौत से बच्चों की पढ़ाई, पालन-पोषण और रोजी-रोटी को लेकर परिजनों की चिंता बढ़ गई है.

घटना की सूचना गांव पहुंचते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण बिरजू सदा के घर पहुंचने लगे. करीब 60 वर्षीय मां तेतरी देवी बेटे की मौत की खबर सुनकर बेसुध हैं. वह बार-बार अपने बेटे को याद कर विलाप कर रही हैं. घर में पत्नी, बच्चों और मां के विलाप से माहौल बेहद मार्मिक बना हुआ है.

मृतक के परिवार की आर्थिक स्थिति को देखते हुए वार्ड सदस्य संजय पासवान ने स्थानीय प्रशासन एवं बिहार सरकार से पीड़ित परिवार को उचित सरकारी सहायता और आर्थिक मुआवजा उपलब्ध कराने की मांग की है. उन्होंने कहा कि परिवार में कमाने वाले सदस्य की मौत से पत्नी और छोटे-छोटे बच्चों के सामने जीवन-यापन का गंभीर संकट उत्पन्न हो गया है. ऐसे में सरकार को तत्काल पीड़ित परिवार की मदद के लिए आगे आना चाहिए.

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By विकास कुमार

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