बेगूसराय के वीरपुर थाना क्षेत्र के मलहडीह गांव के खेत में 16 अक्टूबर 2023 को अपने साथियों के साथ क्रिकेट खेल रहे साहिल रहस्यमय तरीके से लापता हो गया था. इसी मामले में लगभग तीन साल बाद जब उच्च न्यायालय ने फटकार लगाई तो पुलिस मामले को लेकर एकाएक हरकत में आई है.
जिला सहित बिहार राज्य के अलावे अन्य राज्यों में भी खोजने के लिए जी जान से छूट गई है. आखिर साहिल कहां है, किस अवस्था में है इसे पता करने के लिए प्रशासन की ओर से अब जिले भर में माईंकिंग और पोस्टर भी चिपकाए जा रहे हैं. इतना ही नहीं पुलिस प्रशासन ने साहिल के बारे में सुचना देने वाले व्यक्तियों को 10 हजार रुपए इनाम भी देने की घोषणा की है.
ज्ञात हो की बच्चे के गायब होने की सूचना परिजनों के द्वारा घटना से संबंधित आवेदन वीरपुर थाना में दिया गया था. बताया जाता है कि जांचोपरांत मामला दर्ज भी किया गया था. लेकिन पुलिस को अनुसंधान में कुछ भी मजबूत और तथ्य आधारित ठोस सबूत नहीं मिलने से मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया गया.
फिरौती की मांग और पुलिस की संदेहास्पद कार्रवाई
लेकिन इस बीच मल्हडीह के हीं एक ग्रामीण महिलाओं ने साहिल के परिजनो से लगभग दो लाख रुपए की मांग यह कहकर किया जाने लगा कि अगर तुम दो लाख रुपए देते हो तो तुम्हारा बेटा तुम्हें मिल जाएगा.
इस बात की सूचना भी उस वक्त पुलिस को साहिल के परिजनो के द्वारा दिया गया. तत्कालीन पुलिस पदाधिकारी भी परिजनो के द्वारा दिए गए सुचना के आलोक में उक्त महिला को पकड़ थाना पर लाई लेकिन पुछताछ के बाद उसे छोड़ दिया और सदा के लिए मामले को ठंडे बस्ते में पुलिस ने डाल दिया.
उच्च न्यायालय की फटकार के बाद जागी पुलिस
अब जब उच्च न्यायालय ने फटकार लगाई है तो तीन साल बाद पुलिस को अचानक एक्शन मोड में देख कर लोगों का भरोसा न्यायालय के प्रति और बढ़ा है. प्रशासन द्वारा लापता बच्चे की तलाश में लगातार छापेमारी और पूछताछ का सिलसिला जारी है, ताकि घटना की सच्चाई सामने आ सके.
