बेगूसराय के बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में नाव पर सवार होकर सुरक्षित स्थानों पर जाते ग्रामीण.
नाव ही बनी एकमात्र सहारा
संपर्क पथ पूरी तरह कट जाने के कारण ग्रामीण अपनी जान जोखिम में डालकर नावों के जरिए सुरक्षित ठिकानों और राहत शिविरों की ओर पलायन कर रहे हैं.
बेगूसराय में बाढ़ के पानी के बीच से पैदल गुजरती छात्राएं.
जोखिम में स्कूली छात्रों की पढ़ाई
सड़कों और रास्तों पर कई फीट पानी भर जाने के कारण स्कूली छात्र-छात्राएं गंदे पानी से होकर स्कूल जाने को मजबूर हैं.
बेगूसराय के राजकीयकृत मध्य विद्यालय लवहरचक में जलभराव के बीच खड़े शिक्षक व ग्रामीण.
राजकीयकृत मध्य विद्यालय लवहरचक जलमग्न
मटिहानी प्रखंड के कई सरकारी स्कूलों के परिसर और कक्षाओं में बाढ़ का पानी प्रवेश कर गया है, जिससे पठन-पाठन पूरी तरह ठप हो गया है.
बेगूसराय के ग्रामीण इलाके में घरों के आसपास बहता बाढ़ का तेज बहाव.
गांवों में फैला बाढ़ का पानी
गंगा नदी का जलस्तर खतरे के निशान के आसपास बने रहने से मटिहानी और बलिया के दर्जनों गांवों पर बाढ़ का खतरा और गहरा गया है.
बेगूसराय में बाढ़ के पानी के बीच से अपने मवेशियों को सुरक्षित स्थान की ओर ले जाता ग्रामीण.
मवेशियों के चारे का संकट
निचले इलाकों में पानी भर जाने से ग्रामीणों के सामने अपने मवेशियों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाने और उनके चारे का गंभीर संकट खड़ा हो गया है.