कटाव निरोधक कार्य नहीं होने से शिवनगर के ग्रामीणों में दहशत

प्रखंड क्षेत्र के भावानंदपुर पंचायत अंतर्गत शिवनगर गांव में गंगा नदी के बढ़ते कटाव को लेकर ग्रामीणों में भारी दहशत का माहौल है.

बलिया. प्रखंड क्षेत्र के भावानंदपुर पंचायत अंतर्गत शिवनगर गांव में गंगा नदी के बढ़ते कटाव को लेकर ग्रामीणों में भारी दहशत का माहौल है. गांव के वार्ड संख्या 2, 3 एवं 4 में अब तक कटाव निरोधक कार्य शुरू नहीं होने से लोगों की चिंता लगातार बढ़ती जा रही है. ग्रामीणों का कहना है कि गंगा नदी गांव के बेहद करीब पहुंच चुकी है और कई घरों से नदी की दूरी महज दो से पांच मीटर ही बची है. आगामी बाढ़ को देखते हुये लोगों को अपने घर और जमीन बचाने की चिंता सताने लगी है. ग्रामीणों के अनुसार वर्ष 2025 में कटाव रोकने के लिये जल संसाधन विभाग द्वारा कराये गये कार्य का अधिकांश हिस्सा बाढ़ के दौरान गंगा नदी में बह गया था. इसके बाद से स्थिति और अधिक गंभीर हो गयी है. इस बार अब तक कटाव निरोधक कार्य की स्वीकृति नहीं मिलने से लोगों में प्रशासन के प्रति नाराजगी भी देखी जा रही है. विभागीय अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल स्थायी योजना की मंजूरी नहीं मिली है. लेकिन फ्लड फाइटिंग के तहत आवश्यक कार्य कर गांव को बचाने का प्रयास किया जायेगा. ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते ठोस पहल नहीं की गयी तो बाढ़ के दिनों में गंगा का जलस्तर बढ़ने के साथ कटाव तेज हो सकता है. ऐसी स्थिति में गांव को बचाना प्रशासन के लिये बड़ी चुनौती बन जायेगा. लोगों ने आशंका जताई है कि कटाव शुरू होने पर कई घर गंगा में समा सकते हैं. और सैकड़ों परिवार बेघर हो सकते हैं. बताया जाता है कि शिवनगर गांव के तीन वार्डों में लगभग दस हजार की आबादी निवास करती है. जहां करीब दो हजार घर मौजूद हैं. ग्रामीणों ने स्थानीय प्रशासन एवं जिला प्रशासन से अविलंब कटाव निरोधक कार्य शुरू कराने की मांग की है ताकि गांव को संभावित तबाही से बचाया जा सके. वहीं गांव के लोगों का कहना है कि यदि जल्द कार्य शुरू नहीं हुआ तो बड़े पैमाने पर विस्थापन की स्थिति उत्पन्न हो सकती है.

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By Manish kumar

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