Begusarai News: बरौनी थर्मल पावर कर्मचारी यूनियन ने विभिन्न लंबित मांगों को लेकर आगामी 10 सितंबर से एनटीपीसी के मुख्य द्वार पर पूर्व घोषित अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन शुरू करने का ऐलान किया है. इस आंदोलन का मुख्य उद्देश्य संयंत्र में पूर्व से कार्यरत 28 मजदूरों की कार्य पर ससम्मान वापसी सुनिश्चित कराना, घोषित छुट्टियों, मेडिकल अवकाश, मजदूरी भुगतान में विसंगतियों को दूर करना और विभिन्न भत्तों (अलाउंस) का नियमित भुगतान कराना है.
गेट मीटिंग में एटक नेता ने भरी हुंकार
कारखाना परिसर में आयोजित गेट मीटिंग के दौरान ऑल इंडिया ट्रेड यूनियन कांग्रेस (एटक) के वरिष्ठ नेता प्रह्लाद सिंह ने आंदोलन की रूपरेखा की जानकारी दी. उन्होंने कहा कि "मजदूरों की समस्याओं के समाधान को लेकर एनटीपीसी प्रबंधन से लगातार मौखिक वार्ता के जरिए आग्रह किया गया, लेकिन प्रबंधन ने हर बार संवेदनहीनता दिखाते हुए मांगों को अनसुना कर दिया. बार-बार गुहार लगाने के बाद भी जब कोई सकारात्मक पहल नहीं हुई, तब जाकर मजदूरों को विवश होकर आंदोलन का रास्ता चुनना पड़ा है."
वेतन भुगतान के बाद नजराना वसूली का आरोप
यूनियन नेताओं ने संवेदकों की कार्यप्रणाली पर गंभीर आरोप लगाते हुए मजदूरों के आर्थिक शोषण का मुद्दा उठाया. एटक नेता ने कहा कि "संयंत्र में कार्यरत मजदूरों को वेतन मिलने के बाद उनसे नजराना के तौर पर अवैध पैसे की वसूली की जा रही है. यदि कोई मजदूर इस अवैध वसूली का विरोध करता है या पैसे देने से इनकार करता है, तो संवेदक द्वारा उसका गेट पास रद्द कराने की खुली धमकी दी जाती है. संवेदकों की इस मनमानी और भय के माहौल से मजदूर वर्ग मानसिक और आर्थिक रूप से बुरी तरह त्रस्त है."
अनदेखी करने पर आम हड़ताल की चेतावनी
मजदूर प्रतिनिधियों ने प्रबंधन को सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि "यदि एनटीपीसी प्रबंधन ने शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन की अनदेखी की या दमनकारी नीतियां अपनाईं, तो यह आंदोलन जल्द ही पूर्ण आम हड़ताल में तब्दील हो जाएगा, जिसकी समस्त जवाबदेही एनटीपीसी प्रबंधन की होगी." गेट मीटिंग के दौरान निशांत कुमार, मनीष कुमार, विपिन कुमार, आजाद भारती, ललन राय और विक्रम कुमार सहित भारी संख्या में श्रमिक मौजूद रहे.
