Begusarai News : जंतर-मंतर पर छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई के विरोध में बेगूसराय के अधिवक्ताओं ने सड़क पर उतरकर प्रतिरोध मार्च निकाला और जिला पदाधिकारी के माध्यम से सरकार को ज्ञापन सौंपा. इस दौरान अधिवक्ताओं ने छात्रों के आंदोलन का समर्थन करते हुए पुलिस कार्रवाई की निंदा की.
वकालतखाना से डीएम कार्यालय तक निकाला मार्च
दर्जनों अधिवक्ता वकालतखाना परिसर में एकत्रित हुए और वहां से प्रतिरोध मार्च निकालते हुए जिला पदाधिकारी कार्यालय के दक्षिणी गेट तक पहुंचे. यहां आयोजित सभा में वक्ताओं ने जंतर-मंतर पर छात्रों के खिलाफ हुई पुलिस कार्रवाई को लोकतांत्रिक अधिकारों का दमन बताया.
छात्रों की आवाज दबाने का आरोप
सभा को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि नीट एवं अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं के प्रश्नपत्र लीक के मुद्दे पर देशभर में चल रहे छात्र आंदोलन का वे पूर्ण समर्थन करते हैं. उन्होंने कहा कि छात्र अपनी जायज मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं और उनकी आवाज को दबाया नहीं जा सकता. अधिवक्ताओं ने आरोप लगाया कि विभिन्न स्थानों पर छात्रों पर पुलिस द्वारा की जा रही कार्रवाई पर तत्काल रोक लगनी चाहिए तथा दोषी पुलिसकर्मियों और अधिकारियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए.
ज्ञापन सौंपकर उठाईं प्रमुख मांगें
अधिवक्ताओं ने जिला प्रशासन के माध्यम से सरकार को ज्ञापन सौंपते हुए छात्रों पर पुलिस कार्रवाई तत्काल बंद करने, दोषी पुलिसकर्मियों पर मुकदमा दर्ज करने, आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिजनों को उचित मुआवजा देने तथा निर्दोष छात्रों पर दर्ज सभी मुकदमे वापस लेने की मांग की. उन्होंने कहा कि जब तक छात्रों की मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक उनका समर्थन जारी रहेगा.
प्रतिरोध मार्च में ये रहे शामिल
प्रतिरोध मार्च और सभा में वरिष्ठ अधिवक्ता वशिष्ठ कुमार अम्बष्ठा, रामकिशुन साह, दीपक सिन्हा, सुबोध झा, पवन गांधी, नीलमणि द्विवेदी, विरेंद्र कुमार साहू, सर्वदानंद पाठक, पंकज कुमार सिन्हा, कैलाश महतो, अखिलेश्वर सिंह, विजय कांत झा, जिला वकील संघ के महासचिव सहित बड़ी संख्या में अधिवक्ता एवं गणमान्य लोग उपस्थित रहे.
