Begusarai News : बिहार मुख्यमंत्री डिजिटल मिशन योजना के तहत गुरुवार को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, खोदावंदपुर में आशा कार्यकर्ताओं को एम आशा ऐप का विशेष प्रशिक्षण दिया गया. प्रशिक्षण का उद्देश्य आशा कार्यकर्ताओं को डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं से जोड़ना, डेटा संधारण और समयबद्ध रिपोर्टिंग को बेहतर बनाना तथा स्वास्थ्य कार्यक्रमों की निगरानी को प्रभावी करना था.
एम आशा ऐप से कार्यों की निगरानी होगी आसान
कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. अनिल प्रसाद ने की. उन्होंने कहा कि एम आशा ऐप के माध्यम से आशा कार्यकर्ताओं के कार्यों की निगरानी और समीक्षा सरल, पारदर्शी एवं प्रभावी होगी. इससे मातृ-शिशु स्वास्थ्य, परिवार नियोजन सहित अन्य स्वास्थ्य सेवाओं के बेहतर क्रियान्वयन में मदद मिलेगी.
लाभार्थी पंजीकरण से रिपोर्ट जेनरेशन तक की दी जानकारी
प्रशिक्षण का संचालन पीरामल फाउंडेशन के सीनियर प्रोग्राम लीडर जयंत चौधरी एवं आरओडीआई के जिला समन्वयक कुंदन कुमार ने किया. प्रशिक्षकों ने आशा कार्यकर्ताओं को ऐप के माध्यम से लाभार्थी पंजीकरण, होम विजिट की डिजिटल एंट्री, डेटा अपडेट, आभा क्रिएशन और रिपोर्ट जेनरेशन सहित विभिन्न तकनीकी प्रक्रियाओं की जानकारी दी.
मोबाइल पर कराया गया ऐप संचालन का अभ्यास
प्रशिक्षण के दौरान आशा कार्यकर्ताओं को मोबाइल पर एम आशा ऐप के संचालन का व्यवहारिक अभ्यास भी कराया गया. उन्हें ऐप के विभिन्न फीचर्स का इस्तेमाल करने और स्वास्थ्य सेवाओं से संबंधित आवश्यक जानकारी को डिजिटल माध्यम से दर्ज करने की प्रक्रिया समझाई गई.
एनीमिया और हाई रिस्क प्रेग्नेंसी की पहचान पर जोर
अधिकारियों ने आशा कार्यकर्ताओं को एनीमिया मुक्त भारत अभियान, हाई रिस्क प्रेग्नेंसी की पहचान और डिजिटल रिपोर्टिंग के महत्व की जानकारी दी. उन्होंने कहा कि समय पर सही डेटा उपलब्ध होने से स्वास्थ्य सेवाओं की निगरानी और जरूरतमंद लाभार्थियों तक सुविधाएं पहुंचाने में मदद मिलेगी.
स्वास्थ्य कर्मियों की रही मौजूदगी
मौके पर डीपीसी आयुष्मान भारत प्रभात कुमार, जिला कम्युनिटी मोबिलाइजर ऋषिकेश कुमार, बीसीएम वकील मोची सहित अन्य स्वास्थ्य कर्मी मौजूद थे. प्रशिक्षण के दौरान आशा कार्यकर्ताओं ने डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े विभिन्न पहलुओं की जानकारी हासिल की.
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