Begusarai News: भारत सरकार के गृह मंत्रालय (राजभाषा विभाग) के दिशा-निर्देशों के अनुपालन में शुक्रवार को नगर राजभाषा कार्यान्वयन समिति (नराकास), बरौनी की पहली छमाही बैठक का आयोजन किया गया. इस महत्वपूर्ण बैठक की अध्यक्षता बरौनी रिफाइनरी के कार्यकारी निदेशक एवं रिफाइनरी प्रमुख सत्यप्रकाश ने की. बैठक में केंद्रीय कार्यालयों, सार्वजनिक उपक्रमों और बैंकों के प्रमुखों सहित कई वरिष्ठ अधिकारियों ने हिस्सा लिया.
सामूहिक प्रयासों से ही सुदृढ़ होगी राजभाषा
बैठक में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित गृह मंत्रालय के क्षेत्रीय कार्यान्वयन कार्यालय (कोलकाता) के उप निदेशक डॉ. विचित्र सेन गुप्त ने बरौनी नराकास और आईओसीएल (IOCL) बरौनी रिफाइनरी के कार्यों की सराहना की. उन्होंने जोर देकर कहा कि नराकास को सुचारु रूप से चलाने का कार्य सिर्फ एक कार्यालय का नहीं, बल्कि प्रत्येक सदस्य कार्यालय की सामूहिक जिम्मेदारी है. उन्होंने सभी सदस्य कार्यालयों को राजभाषा विभाग के निर्देशों का कड़ाई से पालन करने और हिंदी के प्रचार-प्रसार के लिए मिलकर प्रयास करने का निर्देश दिया.
हिंदी केवल औपचारिकता नहीं, कामकाज की स्वाभाविक भाषा बने: सत्यप्रकाश
समापन सत्र को संबोधित करते हुए नराकास के अध्यक्ष सह रिफाइनरी प्रमुख सत्यप्रकाश ने सभी सदस्य कार्यालयों को उनके प्रयासों के लिए बधाई दी. उन्होंने स्पष्ट किया कि हिंदी का प्रयोग केवल औपचारिकता तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि इसे दैनिक कार्यालयीन कामकाज की स्वाभाविक भाषा बनाया जाना चाहिए. उन्होंने निर्धारित लक्ष्य को प्राप्त करने में पिछड़ रहे कार्यालयों को कार्यप्रणाली में सुधार करने और अधिक प्रयास करने का कड़ा निर्देश दिया.
इस अवसर पर मुख्य महाप्रबंधक (मानव संसाधन) भास्कर हजारिका और महाप्रबंधक डॉ. पीके नाथ सहित विभिन्न विभागों के राजभाषा अधिकारी मुख्य रूप से उपस्थित थे.
