Begusarai News: बेगूसराय के सदर प्रखंड अंतर्गत नीमा चांदपुरा पंचायत में दिवंगत राम बहादुर दास की श्रद्धांजलि के अवसर पर बेगूसराय जिला कबीर पंथ संत सम्मेलन का आयोजन किया गया. सम्मेलन की अध्यक्षता कबीर पंथ के जिलाध्यक्ष महंत राम बहादुर दास ने की. इस अवसर पर मुख्य अतिथि आचार्य महंत धर्म दास साहेब और बिहार प्रदेश के कई महंतों ने बरौनी निवासी डॉ. राजकुमार आज़ाद को महंती, चादर व पगड़ी प्रदान की, जिससे क्षेत्र में खुशी का माहौल है.
कबीर धर्म हर इंसान को स्वयं भगवान होने का कराता है बोध
समारोह को संबोधित करते हुए अंतर्राष्ट्रीय संरक्षक महंत डॉ. राजकुमार आज़ाद ने भारत सरकार से मांग की कि हिंदू, बौद्ध, जैन और इस्लाम धर्म की तर्ज पर कबीर धर्म को भी अविलम्ब आधिकारिक मान्यता दी जाए. उन्होंने कहा कि अन्य धर्म ईश्वर को मंदिर या मस्जिद में बताते हैं, जबकि कबीर धर्म प्रत्येक मनुष्य को स्वयं भगवान होने का बोध कराता है. वहीं मुख्य अतिथि आचार्य महंत धर्म दास साहेब ने कहा कि इंसान खाली हाथ आता है और खाली हाथ जाता है, लेकिन उसके विचार और कर्म सदा अमर रहते हैं.
भजन-कीर्तन से भक्तिमय हुआ माहौल, कई संत रहे मौजूद
कार्यक्रम में महिला राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. पूनम आज़ाद ने अपने सुरीले भजनों से आध्यात्मिक समां बांध दिया. इसके अलावा गया के महंत अशोक दास, संत संतोष कबीरपंथी, भजन उपदेशक विदेशी साहेब, साध्वी जानकी दासीन, उमेश दास, नाथो साहेब, गयानंद पासवान और महंत नारायण दास सहित कई साधु-संतों ने अपने प्रवचन और भजनों से श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया. संगीत मंडली में प्रणव पाठक, उमेश और हरिओम ने संगत दी.
अतिथियों का किया गया भव्य सम्मान
समारोह के दौरान स्वर्गीय राम बहादुर दास के चारों पुत्रों—भूषण, अंजनी, सज्जन और चंदन ने कार्यक्रम में पधारे सभी संतों, महंतों और अतिथियों को चादर ओढ़ाकर उनका अभिनंदन एवं सम्मान किया. सम्मेलन में बड़ी संख्या में कबीर पंथ के अनुयायी और स्थानीय ग्रामीण मौजूद रहे.
