गिरिराज सिंह को मिली जान से मारने की धमकी, पत्र में लिखा- 'यू विल बी किल्ड शॉर्टली...'

केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह को नई दिल्ली जीपीओ में एक गुमनाम पत्र मिला है, जिसमें उन्हें जान से मारने की धमकी दी गई है. पत्र में लिखा है कि 'हार्डकोर आतंकी' उनकी हत्या करेंगे. पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.

Giriraj Singh Death Threat : केंद्रीय टेक्सटाइल मंत्री और बेगूसराय के सांसद गिरिराज सिंह को जान से मारने की धमकी दिए जाने का मामला सामने आया है. नई दिल्ली स्थित जीपीओ में डाक के माध्यम से भेजे गए एक गुमनाम पत्र में मंत्री को कथित तौर पर हार्डकोर आतंकियों के हाथों हत्या किए जाने की धमकी दी गई है. मामले की गंभीरता को देखते हुए बेगूसराय नगर थाने में प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है.

जीपीओ में मिला गुमनाम पत्र, अंग्रेजी में लिखी थी हत्या की धमकी

नगर थानाध्यक्ष सह पुलिस निरीक्षक सतीश कुमार हिमांशु ने 4 सितंबर 2026 को नगर थाना के सिरिस्ता कार्यालय में दिए अपने स्व-बयान के आधार पर प्राथमिकी दर्ज करायी है. पुलिस के अनुसार बेगूसराय के पुलिस अधीक्षक कार्यालय से इस संबंध में सूचना प्राप्त हुई थी इसके बाद वरीय अधिकारियों के निर्देश पर नगर थाने में मामला दर्ज किया गया.

थानाध्यक्ष के स्व-बयान के अनुसार, वस्त्र मंत्री के निजी सचिव योगेन्द्र सिंह, भाप्रसे की ओर से भेजे गए पत्र में बताया गया है कि 3 सितंबर को जीपीओए 3, नेताजी नगर, नई दिल्ली में डाक के माध्यम से एक गुमनाम पत्र प्राप्त हुआ.

यह पत्र केंद्रीय मंत्री एवं बेगूसराय सांसद गिरिराज सिंह को संबोधित था. पत्र में अंग्रेजी में 'यू विल बी किल्ड शॉर्टली बाय हार्डकोर टेररिस्ट्स' लिखा गया है.

दो मोबाइल नंबर और कर्नाटक के आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज

इसके नीचे दो मोबाइल नंबर भी अंकित किए गए हैं. पत्र की भाषा और उसमें दी गई धमकी को गंभीरता से लेते हुए संबंधित अधिकारियों को इसकी सूचना दी गई. पुलिस के बयान में कहा गया है कि पत्र में दर्ज दोनों मोबाइल नंबर 9666010152 और 8074731849 हैं.

प्राथमिकी में कर्नाटक के कोलार जिले के श्रीनिवासपुरा तालुका के इम्बाला गांव निवासी नीतीश रेड्डी पिता रामकृष्णा रेड्डी को भी आरोपित किया गया है. इसके अलावा दोनों मोबाइल नंबरों के धारकों तथा अन्य अज्ञात लोगों को भी प्राथमिकी में आरोपित किया गया है.

संज्ञेय अपराध के तहत प्राथमिकी, वरीय अधिकारियों के निर्देश पर कार्रवाई

थानाध्यक्ष ने अपने बयान में कहा है कि हत्या की साजिश करना और जान से मारने की धमकी देना संज्ञेय अपराध की श्रेणी में आता है. वरीय पुलिस अधिकारियों के निर्देश के बाद मामले में प्राथमिकी दर्ज कर पुलिस ने जांच शुरू कर दी है.

तकनीकी पहलुओं से जांच में जुटी पुलिस, जुटाए जा रहे अहम सुराग

पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि धमकी भरा पत्र किसने भेजा, उसमें दर्ज मोबाइल नंबरों का इस्तेमाल किस स्तर पर हुआ और पत्र भेजने के पीछे वास्तविक उद्देश्य क्या था. साथ ही आरोपित बनाए गए लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है.

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फिलहाल पुलिस पूरे मामले की तकनीकी और अन्य पहलुओं से जांच कर रही है. पत्र की उत्पत्ति, डाक से भेजे जाने की परिस्थितियों और उसमें अंकित मोबाइल नंबरों के संबंध में जानकारी जुटाई जा रही है. पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि धमकी के पीछे कौन लोग हैं और इसका वास्तविक मकसद क्या था.

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By विकास कुमार

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