बेगूसराय में धार्मिक स्थलों पर चलाया जागरूकता अभियान, बाल विवाह के खिलाफ ग्रामीणों को किया जागरूक

Begusarai News : बेगूसराय में बाल विवाह मुक्त भारत अभियान के तहत धार्मिक स्थलों पर जागरूकता कार्यक्रम चलाया गया। बाल विवाह रोकने के लिए अभिभावकों को शपथ दिलाई गई।

Begusarai News : बेगूसराय. सदर प्रखंड अंतर्गत परना पंचायत के परना गांव स्थित सार्वजनिक दुर्गा स्थान मंदिर के समीप बुधवार को बाल विवाह मुक्त भारत अभियान के तहत जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया. जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रेन के सहयोगी संगठन वैशाली समाज कल्याण संस्थान, बाघा, बेगूसराय की ओर से आयोजित अभियान में जीविका दीदियों, ग्रामीणों और महिलाओं को बाल विवाह एवं बाल श्रम के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक किया गया. इस दौरान बाल विवाह की रोकथाम के लिए सामुदायिक स्तर पर लोगों की भागीदारी सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया.

बाल विवाह और बाल श्रम सामाजिक बुराई के साथ कानूनी अपराध

सामुदायिक कार्यकर्ता सरिता कुमारी ने कहा कि बाल विवाह और बाल श्रम दोनों सामाजिक बुराई के साथ-साथ कानूनी अपराध हैं. उन्होंने लोगों से अपील करते हुए कहा कि पहले बच्चों की पढ़ाई पूरी कराएं, उसके बाद ही शादी के बारे में सोचें. उन्होंने अभिभावकों से बच्चों को शिक्षा से जोड़ने और कम उम्र में शादी नहीं करने का संकल्प लेने की अपील की.

अभिभावकों से भरवाया जाएगा वंचन पत्र

संस्थान के प्रतिनिधि राजमणि रंजन ने कहा कि बाल विवाह की रोकथाम के लिए पंचायत से लेकर वार्ड स्तर तक जनप्रतिनिधियों, आशा कार्यकर्ताओं, आंगनबाड़ी सेविकाओं और सरकारी विद्यालयों के शिक्षकों का सहयोग लिया जाएगा. गांव की प्रत्येक किशोरी के संभावित बाल विवाह को रोकने के लिए उसके माता-पिता से वंचन पत्र भरवाया जाएगा. इसके माध्यम से अभिभावक यह सुनिश्चित करेंगे कि वे अपनी बेटियों की शादी 18 वर्ष की आयु पूरी होने के बाद और बेटों की शादी 21 वर्ष की आयु पूरी होने के बाद ही करेंगे.

उन्होंने कहा कि बाल विवाह के खिलाफ अभिभावकों और समुदाय की सामूहिक भागीदारी से जमीनी स्तर पर व्यापक बदलाव लाया जा सकता है. पंचायत और वार्ड स्तर पर बाल विवाह रोकथाम के लिए निषेधात्मक तंत्र को मजबूत करने की आवश्यकता है.

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बाल संरक्षण समितियों को मजबूत करने पर जोर

राजमणि रंजन ने कहा कि प्रखंड, पंचायत और वार्ड स्तर की बाल कल्याण एवं संरक्षण समितियों के पुनर्गठन और नियमित बैठक से बाल संरक्षण व्यवस्था को मजबूती मिलेगी. इसके साथ ही सभी पंचायतों में बाल विवाह रजिस्टर का संधारण किया जाना जरूरी है. पंचायत स्तर पर प्रत्येक विवाह की सूचना रजिस्टर में दर्ज होने से बाल विवाह के मामलों का सही आकलन करने और समय रहते उनकी रोकथाम में मदद मिलेगी.

स्कूल से बाहर बच्चों को शिक्षा से जोड़ने की पहल

संस्थान की ओर से बताया गया कि बाल विवाह, बाल श्रम और बाल तस्करी के खिलाफ अभियान के दौरान स्कूल से बाहर रह रहे बच्चों को भी चिन्हित किया जाएगा. ऐसे बच्चों को दोबारा विद्यालय से जोड़कर शिक्षा के लिए प्रेरित किया जाएगा. साथ ही सरकारी जनकल्याणकारी योजनाओं से वंचित परिवारों की पहचान कर उन्हें विभिन्न योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए भी पहल की जाएगी.

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बाल विवाह की सूचना 1098 और 112 पर देने की अपील

संस्थान के प्रतिनिधि ने आमजनों से अपील की कि कहीं भी बाल विवाह या बाल श्रम का मामला संज्ञान में आए तो इसकी तत्काल गोपनीय सूचना चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 या पुलिस हेल्पलाइन 112 पर दें. समय पर सूचना मिलने से संबंधित मामले में आवश्यक कार्रवाई करते हुए बाल विवाह एवं बाल श्रम पर प्रभावी तरीके से रोक लगाई जा सकती है.

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By विपिन कुमार मिश्र

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