बेगूसराय से विकाश मिश्रा की रिपोर्ट
Begusarai Snake Bite Death News: बेगूसराय जिले के खोदावंदपुर थाना क्षेत्र से अंधविश्वास और जागरूकता की कमी के कारण एक हंसते-खेलते परिवार के उजड़ जाने दर्दनाक घटना सामने आई है. मुशहरी गांव में शनिवार को अंधविश्वास के फेर में पड़ने की वजह से 10वीं कक्षा के एक होनहार छात्र की असमय मौत हो गई. सोते समय एक जहरीले सांप के डसने के बाद परिजन उसे तत्काल डॉक्टर के पास ले जाने के बजाय ओझा के यहां झाड़-फूंक कराने के चक्कर में पड़ गए. समय पर सही इलाज न मिलने के कारण छात्र की हालत बिगड़ती चली गई और अंततः उसने दम तोड़ दिया. इस हृदयविदारक हादसे के बाद पूरे इलाके में मातम पसरा हुआ है.
पांच बहनों का इकलौता भाई था परमजीत
स्थानीय ग्रामीणों और शोकाकुल परिजनों से मिली जानकारी के अनुसार, मृतक किशोर की पहचान मुशहरी गांव निवासी अमित कुमार यादव के 15 वर्षीय पुत्र परमजीत कुमार के रूप में की गई है. परमजीत अपनी पांच बहनों के बीच अकेला भाई था और पूरे परिवार का इकलौता सहारा था. वह 10वीं कक्षा में पढ़ाई कर रहा था और भविष्य में कुछ बड़ा करने का सपना देखता था. रोज की तरह शुक्रवार की रात वह खाना खाकर अपने घर के कमरे में सो रहा था. इसी दौरान किसी बेहद जहरीले सांप ने उसे डस लिया.
झाड़-फूंक में बर्बाद हुआ कीमती समय
परिजनों ने बताया कि सांप काटने के कुछ ही देर बाद परमजीत की तबीयत अचानक भयंकर रूप से बिगड़ने लगी. उसके शरीर में जहर फैलने लगा और वह धीरे-धीरे अचेत होने लगा. इस आपातकालीन स्थिति में परिजनों को तुरंत कलेक्ट्रेट या स्थानीय पीएचसी अस्पताल का रुख करना चाहिए था, लेकिन वे जागरूक न होने के कारण गांव के ही ओझा-गुणी के पास झाड़-फूंक के चक्कर में फंस गए. वहां काफी कीमती समय अंधविश्वास की भेंट चढ़ गया. जब छात्र के मुंह से झाग आने लगा और उसकी हालत अत्यंत नाजुक हो गई, तब जाकर परिजनों की आंखें खुलीं और वे उसे अस्पताल की तरफ लेकर भागे, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी और रास्ते में ही उसकी मौत हो गई.
गांव में शोक की लहर, ग्रामीणों ने की यह अपील
परमजीत की इस असामयिक और दर्दनाक मौत की सूचना मिलते ही पूरे मुशहरी गांव में शोक की लहर दौड़ गई. इकलौते बेटे के इस दुनिया से हमेशा के लिए चले जाने के बाद माता-पिता का रो-रोकर बुरा हाल है. वहीं अपने इकलौते भाई की कलाई सूनी होने की बात सोचकर पांचों बहनें गहरे सदमे में चली गई हैं.
इस दुखद घटना पर स्थानीय प्रबुद्ध नागरिकों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने गहरा शोक व्यक्त किया है. बुद्धिजीवियों ने आम जनता से पुरजोर अपील की है कि सांप काटने या किसी भी आपातकालीन स्थिति में झाड़-फूंक और अंधविश्वास के जाल में फंसकर अपना कीमती समय बर्बाद न करें, बल्कि मरीज को सीधे नजदीकी सरकारी अस्पताल लेकर जाएं, जहां एंटी-स्नेक वेनम और आवश्यक दवाएं पूरी तरह उपलब्ध रहती हैं. जागरूक रहकर ही ऐसी दुखद और असामयिक मौतों से मासूमों की जान बचाई जा सकती है.
