Begusarai News: (विकाश मिश्रा की रिपोर्ट) पटना के एक होटल में बेगूसराय की छात्रा के साथ कथित छेड़खानी और दरिंदगी की घटना को लेकर जिले में राजनीतिक और सामाजिक आक्रोश बढ़ता जा रहा है. मंगलवार को भाकपा-माले, छात्र संगठन आईसा और ऐपवा के कार्यकर्ताओं ने कलेक्ट्रेट के समीप जोरदार प्रदर्शन करते हुए बिहार सरकार के खिलाफ नारेबाजी की.
प्रदर्शनकारियों ने माले कार्यालय से कैंटीन चौक तक आक्रोश मार्च निकाला. इस दौरान कार्यकर्ताओं ने राज्य सरकार और पुलिस प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए. बाद में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का पुतला दहन कर विरोध दर्ज कराया गया.
“बिहार में कानून व्यवस्था पूरी तरह फेल”
प्रदर्शन के दौरान माले के जिला सचिव दिवाकर कुमार, चंद्रदेव वर्मा समेत अन्य नेताओं ने कहा कि बिहार में कानून-व्यवस्था पूरी तरह चरमरा चुकी है. उन्होंने आरोप लगाया कि राजधानी पटना में छात्रा के साथ हुई घटना ने सरकार के सुशासन के दावों की पोल खोल दी है.
नेताओं ने कहा कि जब राजधानी में ही बेटियां सुरक्षित नहीं हैं, तो ग्रामीण क्षेत्रों की स्थिति का सहज अंदाजा लगाया जा सकता है. उन्होंने सरकार पर अपराधियों को संरक्षण देने का आरोप लगाते हुए कहा कि पुलिस प्रशासन मामले को दबाने की कोशिश कर रहा है.
महिलाओं की सुरक्षा पर उठे सवाल
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि जिस होटल में सुरक्षा के कड़े इंतजाम होने चाहिए थे, वहीं छात्रा के साथ इस तरह की घटना होना बेहद शर्मनाक है. उन्होंने आरोप लगाया कि पीड़िता की शिकायत के बाद भी पुलिस का रवैया संतोषजनक नहीं रहा. संगठनों ने चेतावनी दी कि यदि आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी कर कड़ी कार्रवाई नहीं की गई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा.
बड़ी संख्या में शामिल हुए छात्र और महिला कार्यकर्ता
प्रदर्शन में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं, महिला कार्यकर्ता और माले समर्थक शामिल हुए. विरोध प्रदर्शन के दौरान इलाके में कुछ समय के लिए तनावपूर्ण स्थिति बनी रही.
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