भीषण गर्मी में बेगूसराय के गढ़पुरा स्टेशन पर पीने के पानी का हाहाकार, 20 रुपये की बोतल खरीदने को मजबूर यात्री

Begusarai News: समस्तीपुर–सहरसा रेलखंड के महत्वपूर्ण गढ़पुरा रेलवे स्टेशन पर भीषण गर्मी के बावजूद यात्रियों को शीतल और शुद्ध पेयजल नसीब नहीं हो रहा है. स्टेशन के दोनों प्लेटफॉर्मों पर वाटर कूलर और फिल्टर की कोई व्यवस्था नहीं है. यात्री बोतलबंद पानी खरीदने को मजबूर हैं.

Begusarai News: (विकाश मिश्रा की रिपोर्ट) समस्तीपुर–सहरसा रेलखंड के महत्वपूर्ण स्टेशनों में शुमार जिले के गढ़पुरा स्थित डॉ. श्री कृष्णा सिंह रेलवे स्टेशन पर यात्रियों की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं. इस भीषण और जानलेवा गर्मी के बावजूद स्टेशन पर यात्रियों के लिए शीतल एवं शुद्ध पेयजल की कोई पुख्ता सुविधा उपलब्ध नहीं है. आलम यह है कि स्टेशन के दोनों ही प्लेटफार्मों पर न तो वाटर कूलर की व्यवस्था की गई है और न ही फिल्टर युक्त पानी का कोई इंतजाम है. ऐसे में यात्रियों, विशेषकर गरीब और मध्यम तबके के लोगों को इस तपती गर्मी में भी गर्म और सामान्य पानी पीकर प्यास बुझानी पड़ रही है.

दोनों प्लेटफॉर्मों पर नहीं है वाटर कूलर, खौलता है टंकी का पानी

गढ़पुरा स्टेशन पर कुल दो प्लेटफॉर्म हैं, लेकिन किसी पर भी ठंडे पानी की व्यवस्था नहीं है. यात्रियों के लिए केवल ओवरहेड टंकी से जुड़े साधारण नलों का पानी ही एकमात्र सहारा है, जो तेज धूप और गर्मी के कारण खौलने लगता है. फिल्टर पानी की सुविधा नहीं होने से यात्रियों की सेहत पर भी खतरा मंडरा रहा है. स्टेशन पर वैसे तो कहने के लिए कुल 32 नल लगाए गए हैं, लेकिन पर्याप्त स्थानों पर शेड न होने के कारण नलों से निकलने वाला पानी धूप में उबलता रहता है. प्लेटफॉर्म संख्या एक पर सबसे ज्यादा भीड़ होती है, लेकिन वहां भी पीने के पानी के स्रोत बेहद सीमित हैं.

वॉटर वेंडिंग मशीन भी पड़ी है बेकार

यात्रियों को शुद्ध पानी कम कीमत पर मिल सके, इसके लिए स्टेशन परिसर में वॉटर वेंडिंग मशीन स्थापित की गई थी, लेकिन रखरखाव के अभाव में यह मशीन लंबे समय से बंद और निष्क्रिय पड़ी है. यात्रियों ने रेल प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि स्टेशन पर आधिकारिक ‘रेल नीर’ की उपलब्धता अक्सर नहीं रहती है. इसका फायदा उठाकर स्थानीय वेंडर्स यात्रियों को 20 रुपये खर्च कर स्थानीय ब्रांड का पानी ऊंची कीमतों पर खरीदने के लिए मजबूर करते हैं. जो गरीब यात्री पानी नहीं खरीद सकते, वे दूषित या गर्म पानी पीने को विवश हैं.

गढ़पुरा को मॉडल स्टेशन बनाने की उठी मांग

पानी की किल्लत और बदहाली को देखते हुए स्थानीय निवासी राम पुकार पासवान सहित क्षेत्र के कई गणमान्य लोगों ने गढ़पुरा स्टेशन को ‘मॉडल स्टेशन’ के रूप में विकसित करने की जोरदार मांग उठाई है. ग्रामीणों का कहना है कि इस महत्वपूर्ण स्टेशन पर मूलभूत सुविधाओं का घोर अभाव है. यदि इसे मॉडल स्टेशन का दर्जा मिलता है, तो न केवल शीतल पेयजल, बल्कि बेहतर प्रतीक्षालय (वेटिंग रूम), स्वच्छता और अन्य आवश्यक यात्री सुविधाएं भी सुलभ हो सकेंगी.

वरीय अधिकारियों को दी गई है जानकारी: स्टेशन मास्टर

पूरे मामले को लेकर जब गढ़पुरा के स्टेशन मास्टर प्रेम कुमार शर्मा से बात की गई, तो उन्होंने बताया कि स्टेशन पर पेयजल संबंधी जितनी भी समस्याएं हैं, उनसे रेलवे के वरीय अधिकारियों को लिखित रूप में अवगत करा दिया गया है. यात्रियों की असुविधा को देखते हुए जल्द से जल्द आवश्यक कदम उठाने का अनुरोध किया गया है.

यात्रियों और स्थानीय लोगों की प्रमुख मांगें:

  1. स्टेशन के दोनों प्लेटफॉर्मों पर तुरंत वाटर कूलर की स्थापना की जाए.
  2. यात्रियों के लिए फिल्टरयुक्त शुद्ध पेयजल की व्यवस्था हो.
  3. परिसर में महीनों से बंद पड़ी वॉटर वेंडिंग मशीन को अविलंब चालू किया जाए.
  4. सरकारी दरों पर ‘रेल नीर’ की नियमित उपलब्धता सुनिश्चित की जाए.
  5. गढ़पुरा रेलवे स्टेशन को मॉडल स्टेशन के रूप में अपग्रेड किया जाए

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लेखक के बारे में

Published by: Nikhil Anurag

मूलतः निखिल अनुराग. पेशे से पत्रकार. बुद्ध की धरती पर जन्म. बिहार का सबसे नवीनतम जिला (अरवल) से ताल्लुक. पढ़ाई की शुरूआत गांव से ही. फिर गंगा के तट पटना पहुंचा. ज्ञान की धरती से कुछ तालीम हासिल कर राष्ट्रीय राजधानी की ओर कूच. पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएट ( माखनलाल पत्रकारिता विश्वविद्यालय). नोएडा की धरती पर विद्वतजन से कुछ न कुछ सीखा. करंट अफ़ेयर्स, राजनीति, खेल, अंतरराष्ट्रीय संबंध, गाँव, खेत-किसान पसंदीदा टॉपिक. स्कूल, कॉलेज युनिवर्सिटी में यूथ से गपशप करना एनर्जी का अतिरिक्त स्रोत. साल 2020 में नोएडा से शुरू हुई इस लेखन यात्रा कलम, डेस्कटॉप, लैपटॉप के की-बोर्ड से होते हुए स्मार्ट फोन तक पहुंच गयी. ज्यों-ज्यों उम्र बढ़ रही है, सीखने, पढ़ने, लिखने की भूख भी बढ़ रही है. नोएडा में टीवी न्यूज में काम करने के बाद हिंदुस्तान ग्रूप होते हुए बिहार, झारखंड की सबसे पसंदीदा अखबार प्रभात खबर में कार्यरत. हां एक बात और... पढ़ने-लिखने की जिज्ञासा कभी खत्म नहीं होगी. साहित्य में बेहद दिलचस्पी.

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