बेगूसराय के दहिया गांव में सुंदरकांड आयोजन से भक्तिमय माहौल, प्रथम पुण्यतिथि पर दी श्रद्धांजलि

बेगूसराय के भगवानपुर प्रखंड के दहिया गांव में दिवंगत शशिकांत राय की प्रथम पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि सभा और सुंदरकांड पाठ का आयोजन हुआ. संगीतमय पाठ से गांव में भक्तिमय माहौल बना रहा. कथावाचक गुलाब राय ने सुंदरकांड के महत्व पर प्रकाश डाला. अंत में श्रद्धालुओं के बीच प्रसाद वितरण किया गया.

Begusarai News: (मृत्युंजय कुमार की रिपोर्ट) भगवानपुर प्रखंड क्षेत्र के दहिया गांव में दिवंगत शशिकांत राय की प्रथम पुण्यतिथि के अवसर पर श्रद्धांजलि सभा एवं सुंदरकांड पाठ का आयोजन किया गया. कार्यक्रम का आयोजन उनकी पत्नी मधुमिता कुमारी द्वारा कराया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए.

तैल चित्र पर पुष्प अर्पित कर दी श्रद्धांजलि

कार्यक्रम की शुरुआत दिवंगत शशिकांत राय के तैल चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि देने के साथ हुई. इसके बाद भगवान श्रीराम दरबार के तैल चित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर सुंदरकांड पाठ का शुभारंभ किया गया.

संगीतमय सुंदरकांड से गूंजा गांव

मंडली प्रमुख द्वारा वंदना स्तुति के साथ संगीतमय सुंदरकांड पाठ शुरू किया गया. आयोजन से दहिया गांव समेत आसपास के क्षेत्रों में भक्तिमय माहौल बना रहा. श्रद्धालु पूरे समय भक्ति भाव से पाठ और भजन में शामिल रहे.

सुंदरकांड से मिलती है बल, बुद्धि और विद्या : कथावाचक

कथावाचक गुलाब राय ने कहा कि सुंदरकांड का पाठ और श्रवण करने से व्यक्ति को बल, बुद्धि और विद्या की प्राप्ति होती है. उन्होंने कहा कि इससे मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं और ग्रह दोषों से भी मुक्ति मिलती है.

प्रसाद वितरण के साथ कार्यक्रम संपन्न

आरती वंदना के बाद सुंदरकांड पाठ का समापन हुआ. अंत में आयोजनकर्ता मधुमिता कुमारी द्वारा सभी श्रद्धालुओं के बीच प्रसाद का वितरण किया गया.

इस मौके पर सामाजिक कार्यकर्ता प्रवीण शेखर, सिकंदर महतो, कन्हैया राय, शंकर साव, प्रेम पासवान, संजीव चौधरी, बॉबी चौधरी, गणेश चौधरी, मणिकांत राय, सुधांशु शेखर, नीलेश राय, टुनटुन राय, शिवशंकर चौधरी, विनोद सिंह, विनय राय सहित दर्जनों लोग मौजूद रहे.

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लेखक के बारे में

Published by: Nikhil Anurag

मूलतः निखिल अनुराग. पेशे से पत्रकार. बुद्ध की धरती पर जन्म. बिहार का सबसे नवीनतम जिला (अरवल) से ताल्लुक. पढ़ाई की शुरूआत गांव से ही. फिर गंगा के तट पटना पहुंचा. ज्ञान की धरती से कुछ तालीम हासिल कर राष्ट्रीय राजधानी की ओर कूच. पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएट ( माखनलाल पत्रकारिता विश्वविद्यालय). नोएडा की धरती पर विद्वतजन से कुछ न कुछ सीखा. करंट अफ़ेयर्स, राजनीति, खेल, अंतरराष्ट्रीय संबंध, गाँव, खेत-किसान पसंदीदा टॉपिक. स्कूल, कॉलेज युनिवर्सिटी में यूथ से गपशप करना एनर्जी का अतिरिक्त स्रोत. साल 2020 में नोएडा से शुरू हुई इस लेखन यात्रा कलम, डेस्कटॉप, लैपटॉप के की-बोर्ड से होते हुए स्मार्ट फोन तक पहुंच गयी. ज्यों-ज्यों उम्र बढ़ रही है, सीखने, पढ़ने, लिखने की भूख भी बढ़ रही है. नोएडा में टीवी न्यूज में काम करने के बाद हिंदुस्तान ग्रूप होते हुए बिहार, झारखंड की सबसे पसंदीदा अखबार प्रभात खबर में कार्यरत. हां एक बात और... पढ़ने-लिखने की जिज्ञासा कभी खत्म नहीं होगी. साहित्य में बेहद दिलचस्पी.

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