Begusarai DM Become Teacher : बेगूसराय जिले के मटिहानी स्थित आदर्श विद्यालय में उस समय खास माहौल देखने को मिला, जब जिला पदाधिकारी श्रीकांत शास्त्री निरीक्षण के लिए पहुंचे. आमतौर पर जहां अधिकारी केवल व्यवस्था का जायजा लेते हैं, वहीं डीएम ने कुछ अलग ही अंदाज दिखाया. उन्होंने सीधे कक्षा में जाकर ब्लैकबोर्ड संभाल लिया और शिक्षक की भूमिका में बच्चों को पढ़ाने लगे. इस दौरान छात्रों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला और पूरा माहौल जीवंत हो गया.
कक्षा में पहुंचकर खुद पढ़ाने लगे डीएम
जैसे ही डीएम कक्षा में पहुंचे, बच्चों को लगा कि शायद औपचारिक निरीक्षण होगा. लेकिन उन्होंने खुद चॉक उठाकर पढ़ाना शुरू कर दिया. यह देखकर छात्र-छात्राएं खुश हो गए. उन्होंने विषय से जुड़े सवाल पूछे और बच्चों की समझ को परखा.
बच्चों ने भी पूरे आत्मविश्वास के साथ सवालों के जवाब दिए. सही उत्तर देने वाले छात्रों की डीएम ने जमकर तारीफ की और उन्हें आगे भी मेहनत जारी रखने के लिए प्रेरित किया.
पढ़ाई और लक्ष्य पर किया सीधा संवाद
डीएम श्रीकांत शास्त्री ने विद्यार्थियों से उनकी पढ़ाई को लेकर विस्तार से बातचीत की. उन्होंने पूछा कि कौन सा विषय उन्हें ज्यादा पसंद है, पढ़ाई कैसे करते हैं और स्कूल में उन्हें किस तरह की सुविधाएं मिल रही हैं.
इसके साथ ही उन्होंने यह भी जाना कि पढ़ाई के दौरान बच्चों को किन समस्याओं का सामना करना पड़ता है. डीएम ने कहा कि नियमित पढ़ाई ही सफलता की पहली सीढ़ी है. हर छात्र को अपने जीवन का एक स्पष्ट लक्ष्य तय करना चाहिए और उसे हासिल करने के लिए लगातार मेहनत करनी चाहिए.
संसाधनों के बेहतर उपयोग पर जोर
निरीक्षण के दौरान डीएम ने स्कूल की कक्षाओं, पढ़ाई की व्यवस्था और छात्रों की गतिविधियों का भी जायजा लिया. उन्होंने शिक्षकों से बच्चों की उपस्थिति, पढ़ाई की स्थिति और उनकी प्रगति के बारे में जानकारी ली.
उन्होंने साफ कहा कि केवल संसाधन उपलब्ध कराना ही काफी नहीं है, बल्कि उनका सही और प्रभावी उपयोग करना ज्यादा जरूरी है. बच्चों को गुणवत्तापूर्ण, व्यावहारिक और उपयोगी शिक्षा मिलनी चाहिए.
शिक्षा सुधार प्रशासन की प्राथमिकता
डीएम ने अधिकारियों और स्कूल प्रबंधन को निर्देश दिया कि विद्यालय में पढ़ाई का माहौल और बेहतर बनाया जाए. उन्होंने कहा कि जिले के सभी स्कूलों में अच्छा शैक्षणिक वातावरण तैयार करना प्रशासन की प्राथमिकता है.
उन्होंने यह भी कहा कि बच्चों को ऐसा माहौल मिलना चाहिए, जहां वे बिना किसी दबाव के अपनी प्रतिभा को निखार सकें और अपने भविष्य के लिए तैयार हो सकें.
बच्चों के लिए यादगार बना दिन
डीएम का यह अलग अंदाज बच्चों के लिए एक यादगार अनुभव बन गया. जिस तरह उन्होंने शिक्षक बनकर पढ़ाया और बच्चों से सीधे बातचीत की, उससे कक्षा का माहौल काफी सकारात्मक और उत्साहपूर्ण हो गया.
