Bihar : बिहार के इस जिले के DM पर बड़ी कार्रवाई, वेतन जारी करने पर लगी रोक

Bihar: बिहार के बेगूसराय जिले के डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट की सैलरी रोकने का आदेश जारी हुआ है. आइये जानते किस आरोप में कोर्ट ने यह आदेश दिया है.

Bihar: बेगूसराय की तेघड़ा मुंसिफ कोर्ट ने जिले के जिलाधिकारी का वेतन होल्ड करने का आदेश दिया है. मुंसिफ कोर्ट ने ने जिला कोषागार को आदेश दिया है कि डीएम का वेतन रिलीज न किया जाए. अगले आदेश तक यह निर्णय मान्य होगा. मुंसिफ कोर्ट की ओर से बेगूसराय के कोषाधिकारी को भी यह निर्देश ​जारी किया है कि इस आदेश की प्राप्ति की तिथि से 7 दिनों के भीतर शपथ पत्र पर तत्काल आदेश का अनुपालन प्रतिवेदन दाखिल करें. ऐसा नहीं करने पर उनके विरुद्ध अवमानना ​​और अन्य क़ानूनी कार्रवाई की जाएगी. इसके अलावा डीएम को निर्देश दिया गया है कि वे पहले के आदेशों का अनुपालन करते हुए अगली सुनवाई की तिथि तक रिपोर्ट पेश करें.

जानें मामला

तेघड़ा मुंसिफ कोर्ट ने ने यह सख्त आदेश प्रो. श्यामदेव पंडित सिंह एवं अन्य बनाम दुलारू सिंह एवं अन्य के मामले में दिया है. इस मामले की सुनवाई के लिए 6 फरवरी, 2025 की तारीख तय हुई थी. श्यामदेव प्रसाद सिंह ने जमीन पर कब्जा पाने के लिए केस किया था. इसमें श्यामदेव प्रसाद सिंह ने बताया था कि उनकी जमीन पर दुलारू सिंह ने कब्जा कर लिया है. सुनवाई के बाद अदालत ने जमीन पर कब्जा दिलवाने ने कोर्ट ने जिला प्रशासन को आदेश दिया था और श्यामदेव ने खर्च के रूप में 49015 रुपये का भुगतान करने को कहा था.

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अदालत को नही दिया जवाब

मुंसिफ कोर्ट के आदेश देने के 10 साल बाद भी जिला प्रशासन ने जमीन पर कब्जा नहीं दिला पाया. इसके बाद कोर्ट ने 27 सितंबर 2024 को जिला प्रशासन और जिला पुलिस से रिपोर्ट मांगी कि आखिर क्यों वो जमीन पर कब्जा दिलाने में असफल रहे. लेकिन जिला प्रशासन कोर्ट को कोई जवाब नहीं दिया. इस मामले को लेकर बेगूसराय के एसपी भी सुनवाई में यह नहीं बता पाए कि अदालत के आदेश का अनुपालन क्यों नहीं हुआ.

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Author: Paritosh Shahi

परितोष शाही पिछले 4 वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की और वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल की बिहार टीम का हिस्सा हैं. राजनीति, सिनेमा और खेल, विशेषकर क्रिकेट में उनकी गहरी रुचि है. जटिल खबरों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना और बदलते न्यूज माहौल में तेजी से काम करना उनकी विशेषता है. परितोष शाही ने पत्रकारिता की पढ़ाई बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से की. पढ़ाई के दौरान ही पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को देखने, समझने और लोगों तक सही तरीके से पहुंचाने की सोच ने शुरुआत से ही इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. पत्रकारिता में करियर की पहली बड़ी शुरुआत बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के दौरान हुई, जब उन्होंने जन की बात के साथ इंटर्नशिप की. इस दौरान बिहार के 26 जिलों में जाकर सर्वे किया. यह अनुभव काफी खास रहा, क्योंकि यहां जमीनी स्तर पर राजनीति, जनता के मुद्दों और चुनावी माहौल को बहुत करीब से समझा. इसी अनुभव ने राजनीतिक समझ को और मजबूत बनाया. इसके बाद राजस्थान पत्रिका में 3 महीने की इंटर्नशिप की. यहां खबर लिखने की असली दुनिया को करीब से जाना. महज एक महीने के अंदर ही रियल टाइम न्यूज लिखने लगे. इस दौरान सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता कितनी जरूरी होती है. राजस्थान पत्रिका ने उनके अंदर एक मजबूत डिजिटल पत्रकार की नींव रखी. पत्रकारिता के सफर में आगे बढ़ते हुए पटना के जनता जंक्शन न्यूज पोर्टल में वीडियो प्रोड्यूसर के रूप में भी काम किया. यहां कैमरे के सामने बोलना, प्रेजेंटेशन देना और वीडियो कंटेंट की बारीकियां सीखीं. करीब 6 महीने के इस अनुभव ने कैमरा फ्रेंडली बनाया और ऑन-स्क्रीन प्रेजेंस को मजबूत किया. 1 अप्रैल 2023 को राजस्थान पत्रिका को प्रोफेशनल तौर पर ज्वाइन किया. यहां 17 महीने में कई बड़े चुनावी कवरेज में अहम भूमिका निभाई. लोकसभा चुनाव 2024 में नेशनल टीम के साथ जिम्मेदारी संभालने का मौका मिला. इसके अलावा मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दौरान भी स्टेट टीम के साथ मिलकर काम किया. इस दौरान चुनावी रणनीति, राजनीतिक घटनाक्रम और बड़े मुद्दों पर काम करने का व्यापक अनुभव मिला. फिलहाल परितोष शाही प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ जुड़े हुए हैं. यहां बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में ब्रेक किया, ग्राउंड से जुड़े मुद्दों पर खबरें लिखीं और वीडियो भी बनाए. बिहार चुनाव के दौरान कई जिलों में गांव- गांव घूम कर लोगों की समस्या को जाना-समझा और उनके मुद्दे को जन प्रतिनिधियों तक पहुंचाया. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और असरदार खबर पहुंचे. पत्रकारिता में लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और भरोसेमंद पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.

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