Sawan First Somwari : सावन का महीना भगवान शिव की भक्ति के लिए बेहद खास माना जाता है. इस पूरे महीने में श्रद्धालु भोलेनाथ को जल अर्पित कर उनकी पूजा-अर्चना करते हैं और मनोकामनाएं मांगते हैं. खासकर सावन की सोमवारी का महत्व सबसे अधिक होता है, जब लाखों शिवभक्त व्रत रखकर और कांवर यात्रा कर भगवान शिव का जलाभिषेक करते हैं. इसी आस्था और श्रद्धा की अनोखी तस्वीर बेगूसराय में पहली सोमवारी के मौके पर देखने को मिली, जहां पूरा जिला शिवमय हो गया.
रविवार की रात से ही पवित्र सिमरिया गंगा घाट पर श्रद्धालुओं की भीड़ जुटनी शुरू हो गई थी. दूर-दराज के जिलों और आसपास के गांवों से पहुंचे हजारों शिवभक्तों ने गंगा स्नान कर पवित्र जल भरा. इसके बाद बोल बम और हर-हर महादेव के जयघोष के साथ श्रद्धालु गढ़पुरा स्थित प्रसिद्ध बाबा हरिगिरि धाम मंदिर के लिए पैदल यात्रा पर निकल पड़े. सोमवार की सुबह होते-होते श्रद्धालुओं का कारवां लगातार मंदिर पहुंचता रहा, जहां भगवान शिव और माता पार्वती की विधिवत पूजा-अर्चना की गई.
भव्य शोभायात्रा से हुआ आयोजन का आगाज
पहली सोमवारी के अवसर पर बाबा हरिगिरि धाम न्यास समिति गढ़पुरा की ओर से भव्य शोभायात्रा निकाली गई. गढ़पुरा चौक से बाबा की सिरमौर को वैदिक मंत्रोच्चार और विधि-विधान के साथ पदयात्रा के जरिए मंदिर तक लाया गया. पूरे रास्ते श्रद्धालुओं ने फूलों की वर्षा कर शोभायात्रा का स्वागत किया. इस दौरान महिला, पुरुष, युवा और बच्चों की बड़ी भागीदारी देखने को मिली और पूरा माहौल भक्तिमय हो गया.
सिमरिया घाट से शुरू हुई आस्था की यात्रा
श्रद्धालुओं ने सिमरिया और झमाटिया गंगा घाट से पवित्र जल भरकर निर्धारित कांवरिया मार्ग से हरिगिरि धाम की ओर प्रस्थान किया. रास्ते भर बोल बम, हर-हर महादेव और बाबा एक सहारा है जैसे जयघोष गूंजते रहे. कांवरिए समूहों में भजन-कीर्तन करते हुए और नंगे पांव अपनी यात्रा पूरी करते नजर आए, जिससे पूरे मार्ग पर भक्ति का माहौल बना रहा.
यह रहा कांवरियों का प्रमुख मार्ग
सिमरिया घाट से शुरू होकर एनएच-31, राजेंद्र पुल, थर्मल, चकिया, बीहट, जीरोमाइल, बथौली, वीरपुर, कोरिया, मंझौल, जयमंगलगढ़, हरसाइन पुल, रक्सी चौक होते हुए श्रद्धालु गढ़पुरा चौक पहुंचे और वहां से हरिगिरि धाम मंदिर में जलाभिषेक किया.
प्रशासन की सख्ती और सतर्कता
श्रावणी मेला को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट रहा. जिलाधिकारी श्रीकांत शास्त्री और पुलिस अधीक्षक मनीष कुमार के नेतृत्व में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत रखी गई. संवेदनशील स्थानों पर दंडाधिकारी और पुलिस बल की तैनाती की गई थी. गढ़पुरा मेला क्षेत्र में अनुमंडल पदाधिकारी सन्नी कुमार सौरव और एसडीपीओ कुंदन कुमार खुद निगरानी करते नजर आए. भीड़ नियंत्रण और यातायात व्यवस्था को लेकर प्रशासन पूरी तरह सक्रिय दिखा.
स्वास्थ्य और सुविधाओं का विशेष इंतजाम
श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए कांवरिया मार्ग पर पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था की गई थी. स्वास्थ्य विभाग की ओर से जगह-जगह मेडिकल कैंप लगाए गए, जहां डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों की टीम मौजूद रही. किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए एंबुलेंस की भी व्यवस्था की गई थी.
सेवा शिविरों में श्रद्धालुओं का स्वागत
कांवरियों की सेवा के लिए सामाजिक संगठनों और स्थानीय युवाओं द्वारा कई सेवा शिविर लगाए गए. इन शिविरों में श्रद्धालुओं को मुफ्त में पेयजल, शरबत, फल और अन्य जरूरी सामग्री उपलब्ध कराई गई. लोगों ने पूरे उत्साह के साथ शिवभक्तों की सेवा की.
हरिगिरि धाम में उमड़ी भक्तों की भीड़
पहली सोमवारी के मौके पर हरिगिरि धाम मंदिर परिसर में तड़के सुबह से ही श्रद्धालुओं की लंबी कतार लगी रही. मंदिर में सुबह तीन बजे सरकारी पूजा-अर्चना की गई, जिसके बाद आम श्रद्धालुओं के लिए पट खोल दिए गए. इसके बाद पूरे परिसर में बोल बम और हर-हर महादेव के जयघोष गूंजते रहे.
श्रद्धालुओं ने जलाभिषेक कर भगवान भोलेनाथ से सुख-समृद्धि, शांति और परिवार की खुशहाली की कामना की. पहली सोमवारी पर उमड़ी इस आस्था की भीड़ ने एक बार फिर साबित कर दिया कि सावन का महीना लोगों की आस्था और विश्वास का सबसे बड़ा पर्व है.
