बेगूसराय के दो बेटों ने BPSC में रचा इतिहास: ग्रुप-डी में काम करने वाले राजू बने DSP, होमगार्ड के बेटे विश्वजीत बने SDM

Begusarai BPSC 70th Result News: बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) की 70वीं परीक्षा में बेगूसराय के दो युवाओं ने बड़ी सफलता हासिल की है. खोदावंदपुर प्रखंड के मलमल्ला गांव निवासी रेलवे ग्रुप-डी कर्मी राजू कुमार 72वीं रैंक लाकर डीएसपी बने हैं. वहीं, साहेबपुरकमाल प्रखंड के खरहट गांव निवासी कुमार विश्वजीत 281वीं रैंक के साथ एसडीएम बने हैं. पढ़ें पूरी रिपोर्ट.

बेगूसराय से विकाश मिश्रा की रिपोर्ट

Begusarai BPSC 70th Result News: बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) की 70वीं संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा के अंतिम परिणाम जारी होते ही बेगूसराय जिले के लिए एक बेहद गौरवशाली खबर सामने आई है. जिले के दो होनहार युवाओं ने अपनी मेधा, अटूट लगन और विपरीत परिस्थितियों से लड़ते हुए इस प्रतिष्ठित परीक्षा में शानदार सफलता हासिल कर पूरे क्षेत्र का मान बढ़ाया है. खोदावंदपुर प्रखंड के मलमल्ला गांव के रहने वाले राजू कुमार ने पूरी परीक्षा में 72वीं रैंक हासिल कर उप पुलिस अधीक्षक (DSP) पद पर चयनित होकर इतिहास रच दिया है. वहीं, साहेबपुरकमाल प्रखंड के खरहट गांव के रहने वाले कुमार विश्वजीत ने 281वीं रैंक प्राप्त कर अनुमंडल पदाधिकारी (SDM) बनने का गौरव हासिल किया है. इन दोनों नियुक्तियों के बाद कलेक्ट्रेट से लेकर सुदूर ग्रामीण इलाकों तक बधाई देने वालों का तांता लग गया है.

सांकेतिक तस्वीर

रेलवे ग्रुप-डी की नौकरी के साथ राजू बने डीएसपी

खोदावंदपुर प्रखंड के मलमल्ला गांव से आई राजू कुमार की सफलता की कहानी हर उस युवा के लिए मिसाल है जो संसाधनों की कमी का रोना रोते हैं. राजू कुमार के पिता स्वर्गीय कैलाश महतो का साया पहले ही सिर से उठ चुका था. राजू वर्तमान में रेलवे में ग्रुप-डी के पद पर कार्यरत हैं और नौकरी की जिम्मेदारियों को निभाते हुए उन्होंने पढ़ाई जारी रखी. उन्होंने किसी बड़े शहर या महंगे कोचिंग संस्थान का रुख नहीं किया, बल्कि घर पर रहकर ही कठिन अनुशासन और स्व-अध्ययन (Self Study) के बल पर अपने पहले ही प्रयास में 72वीं रैंक हासिल कर ली. सफलता मिलते ही उनकी माता रेखा देवी और मजदूरी करने वाले बड़े भाई राहुल कुमार की आंखों से खुशी के आंसू छलक पड़े.

सांकेतिक तस्वीर

होमगार्ड जवान के बेटे कुमार विश्वजीत ने दूसरे प्रयास में गाड़े झंडे

दूसरी तरफ, साहेबपुरकमाल थाना क्षेत्र के खरहट गांव के रहने वाले कुमार विश्वजीत की सफलता भी किसी बड़े सिनेमाई नायक से कम नहीं है. महज 24 वर्ष की अल्पायु में इतनी बड़ी सफलता हासिल करना उनके अडिग संकल्प को दर्शाता है.

विश्वजीत के पिता शंभू शरण राय एक सेवानिवृत्त होमगार्ड जवान हैं और माता कुशल गृहिणी हैं. एक अत्यंत साधारण परिवार और सीमित संसाधनों के बीच पले-बढ़े विश्वजीत का यह दूसरा प्रयास था. पहले प्रयास में मिली असफलता से सीख लेते हुए उन्होंने अपनी रणनीति में सुधार किया और इस बार सीधे एसडीएम के पद पर कब्जा जमा लिया.

सांकेतिक तस्वीर

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ग्रामीणों में भारी उत्साह, युवाओं के लिए बने रोल मॉडल

जैसे ही शनिवार को दोनों युवाओं की इस ऐतिहासिक सफलता की खबर बेगूसराय के कलेक्ट्रेट गलियारों और उनके पैतृक गांवों में पहुंची, वैसे ही ग्रामीण ढोल-नगाड़ों के साथ सड़कों पर उतर आए और एक-दूसरे को अबीर-गुलाल लगाकर मुंह मीठा कराया.

स्थानीय जनप्रतिनिधियों और शिक्षाविदों का कहना है कि राजू और विश्वजीत ने यह पूरी तरह साबित कर दिया है कि अगर मन में सच्चा आत्मविश्वास और बाजू में मेहनत करने का दम हो, तो कोई भी लक्ष्य नामुमकिन नहीं है. इन दोनों अफसरों की कामयाबी ने बेगूसराय का सिर गर्व से ऊंचा कर दिया है और यह आने वाली पीढ़ियों के लिए एक महान प्रेरणा का स्रोत बनेगी.

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By Aditya Kumar Ravi

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