बेगूसराय : 1998 में पीठ में मारी थी गोली, 28 साल बाद कोर्ट ने 3 दोषियों को सुनाई 10-10 साल की सजा

बेगूसराय की अदालत ने 1998 के एक गोलीकांड में तीन आरोपियों को दोषी करार दिया है. उन्हें धारा 307 और शस्त्र अधिनियम के तहत 10-10 साल की कठोर कारावास की सजा सुनाई गई है.

Begusarai Crime News : बेगूसराय जिला एवं सत्र न्यायाधीश दशम देवेश कुमार की अदालत ने साहेेबपुर कमाल थाना कांड संख्या 33/1998 की सुनवाई करते हुए साहेेबपुर कमाल थाना के रघुनाथपुर निवासी आरोपित फूलों चंद कापड़ी, पप्पू कापड़ी, भूलो कापड़ी को भारतीय दंड विधान की धारा 307 एवं शस्त्र अधिनियम की धारा 27 में दोषी पाया.

धारा 307 व आर्म्स एक्ट में मिली सजा

सजा के बिंदु पर सुनवाई के बाद न्यायालय ने तीनों आरोपित को भारतीय दंड विधान की धारा 307 में दोषी पाकर 10-10 साल कठोर कारावास साथ ही 20-20 हजार अर्थदंड एवं शस्त्र अधिनियम की धारा 27 में दोषी पाकर 5-5 साल कठोर कारावास एवं 10-10 हजार अर्थदंड की सजा सुनाई.

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अपर लोक अभियोजक ने डॉक्टर व अनुसंधानकर्ता समेत 5 गवाहों की कराई गवाही

अभियोजन की ओर से अपर लोक अभियोजक अभय शंकर ने डॉक्टर, अनुसंधान कर्ता सहित पांच गवाहों की गवाही कराई.

1998 में भैंस चराने व घास के विवाद में पीठ में मारी थी गोली

आरोपित पर आरोप है कि 5 मई 1998 को 1:30 बजे रात्रि में सूचक चंदर कापड़ी के साथ भैंस चराने एवं घास को लेकर हुए विवाद में सूचक चंदर कापड़ी के पीठ में गोली मारकर गंभीर रूप से घायल कर दिया.

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By विपिन कुमार मिश्र

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