बेगूसराय जिले के बखरी नगर परिषद क्षेत्र में बिना लाइसेंस और निर्धारित सरकारी मापदंडों का पालन किए संचालित किए जा रहे बूचड़खानों के खिलाफ प्रशासन ने सख्ती शुरू कर दी है.
नगर प्रशासन की ओर से बूचड़खाना और मांस-मछली की दुकानों का सर्वेक्षण कर जांच रिपोर्ट अनुमंडल कार्यालय को सौंप दी गई है. इसके बाद प्रशासन ने संबंधित संचालकों को नियमों के अनुरूप ही कारोबार करने का निर्देश दिया है.
बिना लाइसेंस संचालित बूचड़खानों पर निर्देश
इस संबंध में एसडीएम सन्नी कुमार सौरव ने बताया कि नगर परिषद क्षेत्र में कुछ स्थानों पर बिना लाइसेंस के बूचड़खाने संचालित किए जाने की जानकारी सामने आई है. इसे गंभीरता से लेते हुए नगर प्रशासन को ऐसे सभी दुकानों का सर्वेक्षण करने और उनकी स्थिति की जांच करने का निर्देश दिया गया है. उन्होंने स्पष्ट कहा कि नगर क्षेत्र में अब कोई भी बूचड़खाना बिना वैध लाइसेंस के संचालित नहीं होगा.
साफ-सफाई और काले कपड़े का निर्देश
एसडीएम ने बताया कि बूचड़खाना संचालकों को दुकान के सामने काला कपड़ा लगाकर रखने का निर्देश दिया गया है, ताकि सड़क और सार्वजनिक स्थान से दुकान के अंदर की गतिविधियां सीधे दिखाई नहीं दें. इसके साथ ही दुकानों पर डस्टबिन रखने और निकलने वाले कचरे व अन्य अपशिष्ट पदार्थों का उचित तरीके से निस्तारण करने को कहा गया है.
प्रशासन ने संचालकों को साफ-सफाई पर विशेष ध्यान देने, आसपास गंदगी नहीं फैलाने और निर्धारित नियमों के अनुसार ही दुकान संचालित करने की हिदायत दी है. नियमों का उल्लंघन करने वाले दुकानदारों पर कार्रवाई की जा सकती है.
वेंडिंग जोन बनाने का प्रस्ताव
एसडीएम सन्नी कुमार सौरव ने बताया कि बखरी मुख्य बाजार में अव्यवस्थित तरीके से लगने वाली दुकानों और सड़क किनारे कारोबार के कारण अक्सर जाम की समस्या उत्पन्न होती है. इस समस्या के स्थाई समाधान के लिए वेंडिंग जोन बनाने का प्रस्ताव तैयार कर विभाग को डीपीआर भेजा गया है.
यातायात व्यवस्था में सुधार की उम्मीद
वेंडिंग जोन बनने के बाद मुख्य बाजार में सड़क और सार्वजनिक स्थानों पर बेतरतीब तरीके से लगने वाली दुकानों को निर्धारित स्थान पर शिफ्ट किया जा सकेगा. इससे बाजार को व्यवस्थित करने के साथ ही यातायात व्यवस्था में भी सुधार की उम्मीद है.
प्रशासन का मानना है कि वेंडिंग जोन के विकसित होने से दुकानदारों को कारोबार के लिए व्यवस्थित जगह मिलेगी और आम लोगों को भी मुख्य बाजार में आवागमन के दौरान जाम एवं अतिक्रमण की समस्या से काफी हद तक राहत मिल सकेगी.
