Begusarai News: बेगूसराय जिले अंतर्गत बखरी नगर क्षेत्र की ऐतिहासिक व प्रसिद्ध साहित्यिक संस्था 'श्री विश्वबंधु पुस्तकालय' में सत्र 2026-31 के पांच वर्षीय कार्यकाल के लिए पांच सदस्यीय सर्वोच्च संरक्षण समिति का गठन सर्वसम्मति से संपन्न हुआ. निर्वाचन प्रक्रिया को संपन्न कराने हेतु आयोजित बैठक की अध्यक्षता निर्वाचन पदाधिकारी प्रेम किशन मन्नू ने की. संस्था के संविधान के तहत लोकतांत्रिक प्रक्रिया से सभी पांचों सदस्यों का निर्विरोध चुनाव किया गया.
संविधान के तहत इन 5 सदस्यों का हुआ चयन
पुस्तकालय के संविधान में निहित प्रावधानों के आलोक में विभिन्न श्रेणियों से निम्नलिखित पांच विशिष्ट सदस्यों को संरक्षण समिति में शामिल किया गया:
- संस्थापक सदस्य कोटा: वयोवृद्ध सदस्य वैद्यनाथ प्रसाद केसरी
- शिक्षाविद् कोटा: प्रो. आनंद चन्द्र झा
- संविधान निर्माता व ज्ञाता कोटा: प्रो. डॉ. रवीन्द्र राकेश
- पूर्व पदाधिकारी कोटा: पूर्व अध्यक्ष सिधेश आर्य
- वरिष्ठ सदस्य कोटा: विजय कुमार नेमानी
निवर्तमान सदस्यों का हुआ नागरिक अभिनंदन
कार्यक्रम के दौरान निवर्तमान संरक्षण समिति के सदस्य राजेश अग्रवाल और रामचंद्र केसरी को उनके उत्कृष्ट एवं निष्ठापूर्ण कार्यकाल के लिए अंगवस्त्र प्रदान कर सम्मानित किया गया.
इस अवसर पर पुस्तकालय के अध्यक्ष संतोष भारती गुड्डू, सचिव अमित पोद्दार, सह सचिव कोमल आर्य, पूर्व अध्यक्ष जयदेव सान्याल, सीताराम केसरी, रुक्मिणी कुमारी, पूर्व सचिव नीरज नवीन, नीरज राय, पंकज सिंह, पंकज केसरी, प्रो. सुरेश सहनी, कुंदन केसरी, गणेश पोद्दार भारती, गोविंद साहु, कैलाश चन्द्र शर्मा, जयशंकर जायसवाल, श्रवण बजाज, डॉ. आलोक तथा रामचंद्र सहनी सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे.
क्या है संरक्षण समिति की भूमिका?
उल्लेखनीय है कि श्री विश्वबंधु पुस्तकालय के संविधान के अनुसार यह पांच सदस्यीय संरक्षण समिति संस्था की सर्वोच्च निर्णय लेने वाली संस्था है. यह समिति वैधानिक विवादों का निपटारा करने, नियमों व संविधान की व्याख्या करने तथा किसी विशेष परिस्थिति में देश के प्रचलित कानूनों एवं परंपराओं के आधार पर अंतिम व सर्वमान्य निर्णय देने का अधिकार रखती है.
संरक्षण समिति के निर्विरोध निर्वाचन पर क्षेत्र के बुद्धिजीवियों, साहित्यकारों और सामाजिक-राजनीतिक कार्यकर्ताओं ने बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं.
