गढ़पुरा चौक एवं रक्सी चौक पर सड़क जाम कर की नारेबाजी
गढ़पुरा : गढ़पुरा-बखरी मुख्य पथ पर बाबा हरिगिरिधाम स्थल के मुख्य द्वार के समीप शुक्रवार की रात जुगाड़ गाड़ी फाइटर एवं बाइक की टक्कर में बाइक सवार की मौत घटनास्थल पर ही हो गयी. घटना की खबर सुन आसपास के लोग घटनास्थल पर पहुंचे और देर रात से ही सड़क जाम कर प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन किया. जानकारी के अनुसार कुम्हारसों पंचायत अंतर्गत बदिया गांव निवासी रविंद्र दास राजमिस्त्री का काम करता था. वह देर शाम काम समाप्त कर बाइक से अपने घर लौट रहा था. इसी क्रम में बाबा हरिगिरिधाम के मुख्य द्वार के समीप गढ़पुरा से कुम्हारसो गांव की तरफ एक फाइटर चालक चौकी लादकर जा रहा था.
वह अनियंत्रित होकर सामने से आ रहे बाइक चालक से जा टकराया. इससे बाइक चालक के सिर में गंभीर चोटें आयी और वह बाइक समेत सड़क पर ही गिर गया. सिर से काफी खून बह जाने के कारण घटना के कुछ ही देर बाद उसकी मौत घटनास्थल पर ही हो गयी. आसपास के लोगों वहां पहुंचे और जब तक उसे इलाज के लिए ले जाने की तैयारी चल ही रही थी तब तक उसकी मौत हो गयी. घटना की सूचना मिलते ही थानाध्यक्ष रुबीकांत कच्छप पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और लाश को अपने कब्जे में ले लिया. लेकिन आक्रोशित लोग मुआवजा देने की मांग पर अड़े थे. देर रात तक काफी पहल करने के बावजूद भी लोग जाम कर प्रदर्शन करते रहे.
शनिवार की सुबह आसपास के लोग और आक्रोशित हो घटनास्थल के अलावा गढ़पुरा चौक एवं रक्सी चौक पर भी सड़क जाम कर घटना के विरोध में पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की. जिसके बाद अंचलाधिकारी राजीव कुमार, प्रखंड विकास पदाधिकारी संजीत कुमार, थाना अध्यक्ष रुबीकांत कच्छप, पुलिस इंस्पेक्टर सतीश चंद्र मिश्र,सहायक पुलिस अवर निरीक्षक रविंद्र कुमार के अलावा स्थानीय विधायक उपेंद्र पासवान, सामाजिक कार्यकर्ता सुशील सिंघानिया,सुभाष यादव समेत अन्य लोगों की पहल पर मृतक के परिजनों को उचित मुआवजा दिलाये जाने का आश्वासन देकर सड़क जाम समाप्त करवाया. इसके बाद थानाध्यक्ष ने लाश को पोस्टमार्टम के लिए भेजा. दुर्घटना स्थल से दुर्घटनाग्रस्त वाहन को जब्त कर लिया.
परिवार का एकमात्र कमाऊ व्यक्ति था रवींद्र
क्षेत्र के कुम्हारसों पंचायत अंतर्गत बदिया गांव निवासी रविंद्र दास अपने छोटे-छोटे चार बच्चों एवं पत्नी ममता देवी का एक मात्र सहारा था जो राजमिस्त्री का काम करता था. अपने हुनर के बदौलत मेहनत मजदूरी कर बाल बच्चों का भरण पोषण करता था. शुक्रवार को भी वह घर से काम करने के लिए निकला था. दिन भर मजदूरी कर देर शाम बाइक से घर अपने लौट रहा था. मौत की खबर पाते ही पत्नी, पुत्र, भाई तथा परिजनों में कोहराम मच गया .
