Bankipur By Election Result: बांकीपुर उपचुनाव को लेकर वोटों की गिनती जारी है. अब तक के रुझानों के बाद नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव की टेंशन बढ़ गई है. पहले नंबर पर शुरुआत से जन सुराज के प्रशांत किशोर बढ़त बनाए हुए हैं. जबकि बीजेपी के नीरज कुमार दूसरे नंबर पर चल रहे हैं. राजद की कैंडिडेट रेखा गुप्ता की बात करें तो, वह शुरुआत से तीसरे नंबर पर चल रहीं हैं.
RJD का पिछड़ना पार्टी के लिए चिंताजनक
इस तरह से तीसरे नंबर पर राजद का होना कहीं ना कहीं पार्टी के लिए भी चिंताजनक है. यह आंकड़े राजद के सिकुड़ते वोट बैंक को दिखा रहा है. बिहार की राजनीति में अक्सर भाजपा और राजद के बीच ही मुकाबला देखने के लिए मिलता है. बांकीपुर को बीजेपी का गढ़ माना जाता है. ऐसे में पूरी संभावना जताई जा रही थी कि मुकाबला बीजेपी और राजद के बीच ही देखने के लिए मिलेगा. लेकिन जनसुराज ने सभी को चौंका दिया है.
क्या मानना है राजनीतिक विशेषज्ञों का?
जिस तरह से रुझान सामने आ रहे हैं, अब तक यह स्पष्ट हो गया है कि कहीं ना कहीं आरजेडी मुकाबले से बाहर हो गई है. ऐसे में राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि यह रुझान तेजस्वी यादव और उनकी पार्टी के लिए बेहद चिंताजनक है. तेजस्वी यादव के एमवाई समीकरण वाली राजनीति पिछड़ती नजर आ रही है और यह नेता प्रतिपक्ष के लिए इग्नोर कर पाना मुश्किल होगा.
जन सुराज के प्रशांत किशोर शुरू से बढ़त बनाए हुए हैं. बीजेपी के गढ़ में उसे ही पीके ने अब तक के रुझानों में पछाड़ दिया है. पीके के इस प्रदर्शन को लेकर कहा जा रहा है कि उन्होंने जमीनी स्तर पर कई काम किए जबकि तेजस्वी यादव अपने पुराने यानी कि पारंपरिक तौर-तरीकों पर ही केंद्रित रहे. प्रशांत किशोर ने पदयात्रा करने के साथ युवाओं को अपने पक्ष में करने के लिए कई अभियान चलाए. इसके अलावा शिक्षा, स्वास्थ्य, भ्रष्टाचार, घोटाले समेत कई मुद्दों को उठाया.
बांकीपुर उपचुनाव के दौरान की बात करें तो, तेजस्वी यादव ने अपनी पार्टी की कैंडिडेट के लिए सिर्फ दो दिन जमकर मेहनत किया था और पूरे चुनाव प्रचार के दौरान वे विदेश में रहे. उन्होंने बांकीपुर विधानसभा के अलग-अलग इलाकों में रोड शो किया था और रेखा गुप्ता के लिए वोट की अपील की थी. जबकि प्रशांत किशोर पटना में ही जमे रहे. बांकीपुर सीट के लिए नामांकन के बाद से ही उन्होंने गली-मोहल्ले में जाकर लोगों से मुलाकात की और चुनाव प्रचार के आखिरी दिन तक जोर डाला.
तेजस्वी यादव ने पीके को किया इग्नोर
राजनीतिक विशेषज्ञों का कहना है कि नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने कई बार प्रशांत किशोर के राजनीतिक ताकत को इग्नोर किया. इसका खामियाजा अब सामने आ रहा है. इतना ही नहीं, जिस तरह रुझानों में पीके को बढ़त मिल रही है, इसके बाद बिहार में विपक्ष के चेहरे पर भी खतरा मंडराने लगा है. प्रशांत किशोर बिहार की सियासत में मजबूत विपक्ष का चेहरा बनकर उभर सकते हैं.
फिलहाल अभी भी वोटों की गिनती जारी है. लेकिन अब तक प्रशांत किशोर ही आगे चल रहे हैं. ऐसे में अगर प्रशांत किशोर इस चुनाव में अपनी जीत पक्की कर सदन में जाते हैं तो यह तेजस्वी यादव की राजनीति पर भारी पड़ सकते हैं और वह मजबूत विपक्ष के नेता बन सकते हैं.
