Bankipur By Election Result: सोमवार को बांकीपुर को नया विधायक मिल जाएगा. एएन कॉलेज के कला भवन में बने मतगणना केंद्र पर सुबह 8 बजे से पोस्टल बैलेट की गिनती शुरू होगी. इसके ठीक एक घंटे बाद, यानी सुबह 9 बजे ईवीएम की सील खोली जाएगी. सुबह 10:30 से 11 बजे के बीच शुरुआती रुझान आने लगेंगे और दोपहर 12 बजे तक जीत-हार की पूरी तस्वीर साफ हो जाएगी.
कैसी है व्यवस्था
गिनती की तैयारी और टेबल व्यवस्था वोटों की गिनती के लिए कुल 14 टेबल लगाई गई हैं, जिन पर 21 राउंड में गिनती पूरी होगी. इसके अलावा, सेना, अर्धसैनिक बलों और विदेश में तैनात सरकारी कर्मचारियों के लिए दो अलग ईटीपीएस (इलेक्ट्रॉनिकली ट्रांसमिटेड पोस्टल बैलेट) टेबल बनाई गई हैं, जहां उनके वोटों की गिनती होगी.
25 उम्मीदवारों के किस्मत का फैसला आजा
इस उपचुनाव में 25 प्रत्याशी अपनी किस्मत आजमा रहे हैं. बांकीपुर में कुल 379616 मतदाता हैं, लेकिन इस बार सिर्फ 130234 यानी 34.31 प्रतिशत लोगों ने ही अपने वोट के अधिकार का इस्तेमाल किया.
1995 से यह सीट बीजेपी का मजबूत गढ़ मानी जाती रही है. इस बार जनसुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर के मैदान में उतरने से मुकाबला दिलचस्प हो गया है. ऐसे में देखना यह होगा कि बीजेपी अपना किला बचा पाती है या आरजेडी और जनसुराज कोई नया उलटफेर करती है.
सुरक्षा के कड़े इंतजाम
सुरक्षा नियम और एंट्री गाइडलाइंस मतगणना केंद्र में सुरक्षा के बेहद कड़े इंतजाम किए गए हैं. बिना ऑफिसियल पास के किसी भी व्यक्ति को अंदर जाने की अनुमति नहीं होगी. केंद्र के भीतर मोबाइल फोन ले जाना पूरी तरह से प्रतिबंधित है.
प्रत्याशियों और उनके प्रतिनिधियों के लिए गेट नंबर 1 से प्रवेश की व्यवस्था की गई है, जबकि ड्यूटी पर तैनात कर्मचारियों को गेट नंबर 2 से प्रवेश दिया जाएगा.
अधिकारियों के निर्देश और व्यवस्था जिला निर्वाचन अधिकारी कुंदन कुमार ने एएन कॉलेज में बैठक कर सभी मतगणना कर्मियों को समय पर पहुंचने और चुनाव आयोग के नियमों का पूरी तरह से पालन करने के निर्देश दिए हैं.
सीसीटीवी कैमरों से निगरानी रखी जा रही
स्ट्रांग रूम से लेकर काउंटिंग रूम तक 24 घंटे सीसीटीवी कैमरों से निगरानी रखी जा रही है. हर टेबल पर एक काउंटिंग सुपरवाइजर, एक असिस्टेंट और एक माइक्रो ऑब्जर्वर मौजूद रहेगा. इनके साथ ही प्रत्याशियों के एजेंट भी टेबल पर बैठेंगे. पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए 100 से अधिक अधिकारियों और कर्मचारियों को तैनात किया गया है.
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कम वोटिंग का किस पर पड़ेगा असर?
बांकीपुर में महज 34.31 प्रतिशत मतदान होने के बाद अब सवाल यही है कि कम वोटिंग का फायदा किसे मिलेगा. शहरी सीट होने के कारण यहां बूथ मैनेजमेंट और अपने वोटरों को घर से निकालकर पोलिंग बूथ तक पहुंचाने की ताकत हमेशा निर्णायक साबित होती है. शुरुआती 3-4 राउंड के रुझान ही बता देंगे कि हवा किस तरफ बह रही है.
