2585 रुपया प्रति क्विंटल का दर निर्धारित
15 जून 2026 तक खरीदारी की अंतिम समय-सीमा तय
बांका. रबी विपणन मौसम के तहत जिले में गेहूं की खरीद तीव्र गति से जारी है. अबतक खरीद के मामले में यह जिला पूरे बिहार में टॉप पर है. विभागीय रिपोर्ट के अनुसार पांच अप्रैल तक 10 समिति, जिसमें दो व्यापार मंडल भी शामिल हैं, यहां 35 किसानों से 184.470 एमटी गेहूं की खरीद कर ली गयी है. इस जिले का लक्ष्य खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग ने 286 एमटी तय किया है. इस हिसाब से 64.5 प्रतिशत लक्ष्य पूरा कर लिया गया है, जो बिहार में अन्य जिलों की तुलना सबसे अधिक बतायी जा रही है. डीसीओ के अनुसार जिले भर में गेहूं खरीद के लिए 147 क्रय केंद्रों को अधिकृत किया गया है. गेहूं खरीद एक अप्रैल से शुरु है. खरीदारी की अंतिम समय-सीमा 15 जून 2026 तक निर्धारित की गयी है. गेहूं का 2585 रुपये प्रति क्विंटल एमएसपी दर तय किया गया है. खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग द्वारा जारी आदेश में बताया गया है कि किसानों से न्यूनतम समर्थन मूल्य पर गेहूं की खरीद सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं की गयी है. जिस हिसाब से खरीद की गति दिख रही है, उससे अनुमान लगाया जा रहा है कि काफी सीमित समय में भी लक्ष्य की पूर्ति कर ली जायेगी. हालांकि, गेहूं बेचने के लिए जिले के 789 किसानों ने ऑनलाइन आवेदन किया है.
286 एमटी गेहूं खरीद के निर्धारित लक्ष्य के विरुद्ध करीब 184 एमटी खरीद कर ली गयी है. खरीद के मामले में यह जिला पूरे बिहार में प्रथम पर है. यह खरीद 10 समितियों के द्वारा की गयी है. इस बार गेहूं खरीद के लिए 147 समितियों का चयन किया गया है. 124 समितियों की मैपिंग हो गयी है. लंबित समिति के अध्यक्ष व प्रबंधक को भी इस संबंध में सूचित किया गया है. खरीद की स्थिति की समीक्षा से प्रतीत होता है कि सीमित समिति भी लक्ष्य की पूर्ति कर लेंगे. इसलिए समितियों पर अधिक दबाव नहीं है. क्षेत्रीय भ्रमण के दौरान जानकारी ली गयी कि अभी खेत में गेहूं की फसल है, जिसकी तैयारी चल रही है. बाजार मूल्य भी अधिक नहीं है. इसलिए किसानों से अपील है कि वे सहकारी समिति को ही अपना गेहूं दें और तय एमएसपी लाभ लें.