Barahat Water Crisis : बाराहाट प्रखंड क्षेत्र में कम बारिश से किसान जहां सिंचाई संकट का सामना कर रहे हैं, वहीं महुआ गांव में कुछ दबंगों द्वारा सरकारी पेयजल व्यवस्था से छेड़छाड़ का मामला सामने आया है. आरोप है कि खेतों की सिंचाई के लिए पीएचईडी की जलमीनार से घर-घर पानी पहुंचाने वाली सरकारी पाइपलाइन काट दी गई है. इसके कारण वार्ड संख्या-3 के दर्जनों परिवार पिछले 10 से 15 दिनों से स्वच्छ पेयजल के लिए परेशान हैं.
पेयजल की जगह खेतों में बहाया जा रहा सरकारी पानी
ग्रामीणों का आरोप है कि कुछ दबंग प्रवृत्ति के लोग सरकारी सप्लाई पाइपलाइन को क्षतिग्रस्त कर पेयजल का रुख खेतों की ओर मोड़ रहे हैं. इससे प्रतिदिन हजारों लीटर पानी बर्बाद हो रहा है, जबकि गांव के लोगों को पीने का पानी भी उपलब्ध नहीं हो पा रहा है. भीषण गर्मी और कम बारिश के बीच यह समस्या लोगों के लिए गंभीर संकट बन गई है.
विरोध करने पर मिलती है धमकी
स्थानीय लोगों का कहना है कि पाइपलाइन काटने वाले लोग दबंग और उग्र प्रवृत्ति के हैं. उनके डर से ग्रामीण खुलकर विरोध नहीं कर पा रहे हैं. आरोप है कि विरोध करने वालों को मारपीट और गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी जाती है, जिससे पूरे गांव में भय का माहौल बना हुआ है.
ग्रामीणों ने प्रशासन से लगाई गुहार
ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप कर सरकारी पाइपलाइन को कब्जे से मुक्त कराने, क्षतिग्रस्त पाइपलाइन की मरम्मत कर पेयजल आपूर्ति बहाल करने तथा सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वालों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई की मांग की है. उनका कहना है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो पेयजल संकट और गंभीर हो जाएगा.
बीडीओ बोले—जांच के बाद होगी सख्त कार्रवाई
प्रखंड विकास पदाधिकारी गोपाल कुमार गुप्ता ने कहा कि मामला अभी उनके संज्ञान में नहीं था. शिकायत मिलने पर तत्काल जांच कराई जाएगी. यदि सरकारी पाइपलाइन काटकर खेतों की सिंचाई करने की पुष्टि होती है तो दोषियों के विरुद्ध कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी तथा हर हाल में पेयजल आपूर्ति जल्द बहाल कराई जाएगी.
