बांका से सुभाष वैद्य की रिपोर्ट
Transfer Action in Banka: बांका जिले के विभिन्न विभागीय कार्यालयों में वर्षों से एक ही स्थान पर कार्यरत बाबुओं और अन्य कर्मियों का जल्द ही स्थानांतरण किया जा सकता है. जिला पदाधिकारी अंशुल अग्रवाल ने पदभार संभालते ही प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक प्रभावी और पारदर्शी बनाने की दिशा में कदम बढ़ा दिए हैं.
इसी क्रम में उन्होंने स्थापना शाखा को पत्र जारी कर उन सभी कर्मियों की सूची उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है, जिनके स्थानांतरण के लिए जिला पदाधिकारी सक्षम प्राधिकार हैं. इस आदेश के बाद प्रशासनिक महकमे में हलचल तेज हो गई है.
Transfer Action in Banka: किन कर्मियों की मांगी गयी है सूची
डीएम के निर्देश के अनुसार स्थापना उपसमाहर्ता को ऐसे सभी संवर्गों, सेवाओं और सेवा वर्गों की जानकारी उपलब्ध करानी होगी, जिनके स्थानांतरण का अधिकार समाहर्ता को प्राप्त है.
इसके अलावा जून 2026 में स्थानांतरण योग्य होने वाले सभी कर्मियों की सूची भी नियमों के अनुरूप तैयार कर प्रस्तुत करनी होगी. प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सूची तैयार करने में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी.
तीन साल का कार्यकाल पूरा करने वालों पर फोकस
निर्देश में कहा गया है कि विभिन्न संवर्गों और सेवाओं में कार्यरत उन कर्मियों की पदवार सूची तैयार की जाए, जिनका वर्तमान पदस्थापन पर तीन वर्ष का कार्यकाल जून 2026 में पूरा हो रहा है और जिनका स्थानांतरण नियमानुसार देय है.
साथ ही सूची में संबंधित कर्मियों के गृह प्रखंड के अलावा उनके पिछले तीन पदस्थापनों का विस्तृत विवरण भी शामिल करना अनिवार्य होगा. इससे स्थानांतरण प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और व्यवस्थित बनाने में मदद मिलेगी.
नाम छूटने पर होगी जिम्मेदारी तय
जिला पदाधिकारी ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि यदि भविष्य में यह शिकायत सामने आती है कि स्थानांतरण योग्य किसी कर्मचारी या संवर्ग का नाम सूची में शामिल नहीं किया गया, तो इसे गंभीर लापरवाही माना जाएगा.
ऐसे मामलों में संबंधित अधिकारी और कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी. प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार इस निर्देश को काफी गंभीरता से लिया जा रहा है.
24 घंटे में रिपोर्ट देने का आदेश
डीएम अंशुल अग्रवाल ने स्थापना शाखा को 24 घंटे के भीतर पूरी सूची उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है. प्रशासनिक हलकों में इस आदेश को लंबे समय से एक ही स्थान पर जमे कर्मियों के खिलाफ संभावित बड़ी कार्रवाई की तैयारी के रूप में देखा जा रहा है.
अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि सूची तैयार होने के बाद स्थानांतरण की प्रक्रिया कितनी तेजी से आगे बढ़ती है और इसका असर जिले की प्रशासनिक व्यवस्था पर किस रूप में दिखाई देता है.
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