ओड़हारा में रेलवे का रास्ता बंद करने पहुंची टीम का विरोध, हंगामा देख बैरंग लौटे अधिकारी

ओड़हारा में रेलवे का रास्ता बंद करने पहुंची टीम का विरोध

सीओ व बीडीओ के हस्तक्षेप के बाद टला विवाद, धनसार व मोरामा में रास्ता बंद होने से ग्रामीणों में आक्रोश

बांका/रजौन. भागलपुर-मंदारहिल रेलखंड पर स्थित ओड़हारा गांव जाने वाले मार्ग को बंद करने की रेल प्रशासन की कोशिश एक बार फिर नाकाम रही. सोमवार को मालदा डिवीजन के सीनियर सेक्शन इंजीनियर के नेतृत्व में आरपीएफ और पुलिस बल रास्ते को अवरुद्ध करने पहुंचे थे. जैसे ही इसकी भनक ग्रामीणों को मिली, वे बड़ी संख्या में मौके पर जुट गए और हंगामा शुरू कर दिया.

एकमात्र रास्ता बंद करने का विरोध

ग्रामीणों का तर्क था कि गांव तक आवाजाही के लिए यही एकमात्र रास्ता है, जिसे रेल प्रशासन अनाधिकृत बताकर बंद करना चाहता है. स्थिति बिगड़ते देख रजौन की सीओ कुमारी सुषमा व बीडीओ अंतिमा कुमारी तुरंत मौके पर पहुंचीं. उन्होंने स्थानीय लोगों की जरूरत व मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए रेल प्रशासन से फिलहाल इस मार्ग को बंद न करने का अनुरोध किया. प्रशासनिक दखल के बाद रेल की टीम को खाली हाथ वापस लौटना पड़ा.

अन्य गांवों में बैरिकेडिंग से बढ़ी नाराजगी

ओड़हारा में भले ही कार्रवाई टल गयी हो, लेकिन रेल प्रशासन ने इससे पहले धनसार व मोरामा गांव जाने वाले रास्तों को अनाधिकृत मानकर वहां बैरिकेडिंग कर दी है. इन गांवों के रास्तों के बंद होने से लोगों में भारी आक्रोश है. ग्रामीणों का कहना है कि उन्हें पहले से कोई सूचना नहीं दी गयी थी. अचानक रास्ता बंद किए जाने के बाद अब ग्रामीण उग्र आंदोलन की चेतावनी दे रहे हैं. आने वाले दिनों में रेल प्रशासन को स्थानीय लोगों के कड़े विरोध का सामना करना पड़ सकता है.

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लेखक के बारे में

Published by: Shubhash baidya

सुभाष वैद्य प्रिंट माध्यम में 20 और डिजिटल माध्यम में पिछले 5 वर्षों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. करियर की शुरुआत वर्ष 2005 में की. अभी प्रभात खबर के बांका कार्यालय में कार्यरत हैं. सामाजिक सरोकार, अपराध, शिक्षा, राजनीतिक खबरों में रुचि रखते हैं.

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