फालोअप शंभुगंज. शंभुगंज प्रखंड क्षेत्र में मनरेगा योजना आगामी 15 जून तक संचालित रहने की संभावना है. इसके बाद अन्य योजनाओं के तहत विकास कार्य कराए जाएंगे. इससे पहले मनरेगा योजनाओं में सरकारी राशि के दुरुपयोग और अनियमितता के आरोप सामने आने लगे हैं. प्रखंड क्षेत्र की पौकरी पंचायत के भलुआ, लाखा, बसबिट्टा सहित अन्य गांवों में डांड की सफाई व बांध मरम्मत के नाम पर लाखों रुपये की कथित बंदरबांट का मामला सामने आने के बाद परत-दर-परत कई अनियमितताओं की चर्चा होने लगी है. साथ ही अन्य पंचायतों से भी योजनाओं में फर्जीवाड़े के आरोप सामने आ रहे हैं. मिर्जापुर पंचायत के प्रगतिशील किसान रामजी यादव सहित अन्य ग्रामीणों ने बताया कि कई स्थानों पर डांड व बांध की सफाई के नाम पर एक तिनका तक नहीं हटाया गया है. स्थिति जस की तस बनी हुई है. किसानों को चिंता है कि बरसात का पानी खेतों तक कैसे पहुंचेगा. भलुआ गांव के ग्रामीण पारसमणी मंडल सहित अन्य लोगों ने आरोप लगाया कि कई योजनाओं में डांड एवं बांध पर कोई कार्य नहीं हुआ, जबकि लाखों रुपये की निकासी कर ली गई. ग्रामीणों का कहना है कि इस मामले में पीआरएस सहित अन्य कर्मियों की मिलीभगत से गड़बड़ी की गई है. किसान पारसमणी मंडल ने मनरेगा के मुख्य सचिव, पटना से मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है. उनका कहना है कि यदि जिले के वरीय पदाधिकारी हाल के दिनों में संचालित मनरेगा योजनाओं के कार्यस्थलों का निरीक्षण करें, तो वास्तविक स्थिति स्वतः सामने आ जाएगी. इस संबंध में मनरेगा पीओ मो. अब्दुल गफूर ने बताया कि फिलहाल बकरीद की छुट्टी चल रही है. शिकायत प्राप्त होने पर सभी योजनाओं की जांच कराई जाएगी.
मनरेगा योजना में फर्जीवाड़े मामले में कई कर्मियों पर लटक रही कार्रवाई की तलवार
मनरेगा योजना में फर्जीवाड़े मामले में कई कर्मियों पर लटक रही कार्रवाई की तलवार
