बौंसी. बौंसी मेला मैदान में अंग प्रदेश राज्य की मांग को लेकर अंग मुक्ति दल का 22वां स्थापना दिवस समारोह पूरे उत्साह और जोश के साथ शनिवार को आयोजित किया गया. कार्यक्रम में अंग प्रदेश के गठन के साथ-साथ मंदरांचल विधानसभा, बौंसी अनुमंडल और पंजवारा प्रखंड की मांगों को भी प्रमुखता से उठाया गया. सभा की अध्यक्षता बांका जिला अध्यक्ष कुंदन कुमार सिंह ने की. उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि अंग प्रदेश की ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और आर्थिक पहचान को लंबे समय से नजरअंदाज किया जाता रहा है. अब समय आ गया है कि क्षेत्र की अस्मिता और अधिकारों के लिए संगठित होकर आवाज बुलंद की जाय. उन्होंने संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करने और व्यापक जनसंपर्क अभियान चलाने का आह्वान किया. कार्यक्रम का शुभारंभ आचार्य सुशील झा ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ किया, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय और ऊर्जावान हो उठा. सामाजिक चिंतक जेबियर झा ने अंग प्रदेश, अंग जनपद और प्रस्तावित 18 जिलों में अंगरथ यात्रा की विस्तृत रूपरेखा प्रस्तुत की. उन्होंने कहा कि यह आंदोलन केवल एक राजनीतिक मांग नहीं, बल्कि क्षेत्रीय स्वाभिमान, भाषा, संस्कृति और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण की व्यापक लड़ाई है. देव ज्योति मुखर्जी ने अंग प्रदेश की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि पर प्रकाश डालते हुए इसके गठन की आवश्यकता को तार्किक ढंग से रखा. वहीं नरेश कुमार प्रियदर्शी ने अंगराज कर्ण की प्रतिमा स्थापना की मांग करते हुए अंग जनपद की यात्रा पर निकलकर जनजागरण अभियान चलाने की घोषणा की. कार्यक्रम में गायक मनीष कुमार ने अपने प्रेरणादायक गीतों से उपस्थित जनसमूह में जोश और सांस्कृतिक चेतना का संचार किया. इस अवसर पर प्रीतम रंजन, रामकुंद ठाकुर, मुरली मनोहर मंजु, मंतोष सिंह, नीरज झा, कृष्ण कांत मंडल सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता एवं समर्थक उपस्थित थे. सभा का समापन अंग प्रदेश राज्य निर्माण के सामूहिक संकल्प के साथ हुआ. नेताओं ने स्पष्ट किया कि आंदोलन शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से आगे बढ़ाया जायेगा तथा क्षेत्र की उपेक्षा के विरुद्ध आवाज निरंतर बुलंद होती रहेगी.
बौंसी मेला मैदान से गूंजा अंग प्रदेश का संकल्प, अंग मुक्ति दल का 22वां स्थापना दिवस संपन्न
बौंसी मेला मैदान में अंग प्रदेश राज्य की मांग को लेकर अंग मुक्ति दल का 22वां स्थापना दिवस समारोह पूरे उत्साह और जोश के साथ शनिवार को आयोजित किया गया.
