जैन धर्मावलंबियों का दस लक्षण पर्व आरंभ

जैन धर्मावलंबियों का दस दिवसीय दस लक्षण पर्व गुरुवार से आरंभ हो गया. दस लक्षण पर्व (जिसे पर्युषण भी कहा जाता है) जैन धर्म का बहुत ही महत्वपूर्ण आध्यात्मिक पर्व है

बौंसी

. जैन धर्मावलंबियों का दस दिवसीय दस लक्षण पर्व गुरुवार से आरंभ हो गया. दस लक्षण पर्व (जिसे पर्युषण भी कहा जाता है) जैन धर्म का बहुत ही महत्वपूर्ण आध्यात्मिक पर्व है. मंदार क्षेत्र के जैन प्रबंधक पवन जैन ने बताया कि यह पर्व 10 दिनों तक चलता है और हर दिन एक विशेष धर्म या लक्षण को समर्पित होता है. इस दिन जैन साधु-साध्वी और श्रावक-श्राविकाएं अपने भीतर की कटुता, क्रोध और वैर-भाव को त्याग कर सभी जीवों से क्षमा मांगते हैं और दूसरों को क्षमा करते हैं. पहले दिन मंदिर परिसर में पूरे विधि विधान के अनुसार जैन श्रद्धालु भक्तों ने जैन धर्म के बारहवे तीर्थंकर भगवान वासु पूज्य की पूजा अर्चना की. जैन प्रबंधक ने बताया कि पहले दिन का मुख्य संदेश क्रोध पर विजय पाना, दूसरों की गलतियों को सहन करना, दिल से “मिच्छामि दुक्कडम्” कहना (यदि मैंने आपको जाने-अनजाने में दुख दिया हो तो क्षमा करें). मन, वचन और कर्म से शुद्ध रहना. यानी पहले दिन का सार यही है कि हम अपने अहंकार और ग़ुस्से को छोड़कर क्षमाशील बनें और आत्मा को शांत करें. दस लक्षण पर्व को लेकर जैन श्रद्धालुओं में काफी उत्साह है.

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By SHUBHASH BAIDYA

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