भागवत कथा के समापन पर सामूहिक हवन व भंडारा, प्रवचन सुन भाव-विभोर हुए श्रद्धालु

नगर पंचायत क्षेत्र के झपनिया गांव में आयोजित श्रीमद् भागवत कथा के समापन अवसर पर रविवार को श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी.

बौंसी. नगर पंचायत क्षेत्र के झपनिया गांव में आयोजित श्रीमद् भागवत कथा के समापन अवसर पर रविवार को श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी. कथा के अंतिम दिन सामूहिक हवन के साथ विशाल भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें दूर-दराज से आये श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण कर धर्म लाभ लिया. कथा के दौरान वातावरण पूरी तरह भक्तिमय बना रहा. गांव में हर ओर भक्ति गीत, जयकारों और हरि नाम के संकीर्तन से आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार होता रहा. कथावाचक गोपाल भाई ओझा जी महाराज ने भागवत कथा का रसपान कराते हुए अपने प्रवचन में कहा कि श्रीमद् भागवत कथा केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि मानव जीवन को धर्म, प्रेम और भक्ति के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देने वाली दिव्य साधना है. जब मनुष्य भगवान की कथा सुनता है तो उसके भीतर की नकारात्मकता समाप्त होकर भक्ति और सदाचार का प्रकाश फैलता है. उन्होंने आगे कहा कि भगवान श्रीकृष्ण की लीला हमें यह सिखाती है कि जीवन में चाहे कितनी भी कठिनाइयां क्यों न आएं, यदि मन में श्रद्धा और विश्वास हो तो हर बाधा दूर हो जाती है. भागवत कथा सुनने से मन को शांति, परिवार में सुख और समाज में सद्भाव की भावना बढ़ती है. शनिवार की रात्रि पाली में कथा के छठे दिन भगवान श्रीकृष्ण और रुक्मिणी के शुभ विवाह की झांकी का मनमोहक आयोजन किया गया. इस दिव्य प्रसंग को देखकर श्रद्धालु भाव-विभोर हो उठे और आनंद के सागर में डूब गये. कलाकारों द्वारा प्रस्तुत आकर्षक धार्मिक झांकियों ने कथा की भव्यता को और भी बढ़ा दिया, जिसे देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग उपस्थित रहे. कथा के समापन दिवस पर आयोजित सामूहिक हवन में श्रद्धालुओं ने आहुति देकर गांव, समाज और विश्व कल्याण की प्रार्थना की. इसके बाद आयोजित भंडारे में सैकड़ों श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया. कार्यक्रम को सफल बनाने में गांव के ग्रामीणों ने बढ़-चढ़कर सहयोग किया और पूरे आयोजन को भक्ति, श्रद्धा और सेवा भाव के साथ संपन्न कराया.

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By SHUBHASH BAIDYA

SHUBHASH BAIDYA is a contributor at Prabhat Khabar.

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