Banka News : जिला मुख्यालय में नगर परिषद द्वारा लाखों रुपये की लागत से लगाई गई स्ट्रीट लाइटें अब लोगों के लिए सुविधा के बजाय परेशानी का कारण बन गई हैं. शहर के मुख्य मार्गों और कई वार्डों में बड़ी संख्या में स्ट्रीट लाइटें खराब पड़ी हैं. शाम होते ही सड़कें और मोहल्ले अंधेरे में डूब जाते हैं, जिससे लोगों को आवागमन में कठिनाई का सामना करना पड़ता है.
मार्केट बंद होते ही बढ़ जाती है परेशानी
स्थानीय लोगों का कहना है कि देर शाम बाजार की दुकानें बंद होने के बाद पूरे इलाके में अंधेरा छा जाता है. मुख्य सड़कों पर पर्याप्त रोशनी नहीं रहने से दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहती है. वहीं अंधेरे का फायदा उठाकर असामाजिक तत्वों की गतिविधियां बढ़ने का भी डर लोगों को सता रहा है. शहर के कई प्रमुख चौक-चौराहों पर लगे हाईमास्ट लाइट के कुछ बल्ब भी खराब हैं, जिससे समस्या और गंभीर हो गई है.
नगर परिषद की कार्यशैली पर उठे सवाल
शहरवासियों ने नगर परिषद की कार्यशैली पर सवाल उठाए हैं. समाजसेवी नवीन कुमार उर्फ प्रदीप भगत ने कहा कि विकास के बड़े-बड़े दावे किए जाते हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर बुनियादी सुविधाओं की स्थिति खराब है. उनका कहना है कि पहले स्ट्रीट लाइट और हाईमास्ट लाइट के कारण रात में सुरक्षा और रोशनी की बेहतर व्यवस्था रहती थी, लेकिन अब अधिकांश लाइटें बंद होने से पुरानी समस्याएं फिर लौट आई हैं. उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन किया जाएगा.
सावन में कांवरियों के लिए बढ़ सकती है मुश्किल
30 जुलाई से सावन माह की शुरुआत होने जा रही है. इस दौरान बाबा धाम, बासुकीनाथ और शहर के भयहरण स्थान मंदिर में जलाभिषेक के लिए हजारों श्रद्धालु और कांवरिये पहुंचते हैं. हर साल सावन से पहले खराब स्ट्रीट लाइटों की मरम्मत कर दी जाती थी, ताकि श्रद्धालुओं को परेशानी न हो. इस बार अब तक ऐसा नहीं होने से लोगों में चिंता बढ़ गई है.
नगर सभापति बोले- जल्द दूर होगी समस्या
नगर सभापति बाल मुकुंद सिन्हा ने बताया कि बिजली पोल पर लगी स्ट्रीट लाइटों की मरम्मत और नई लाइट लगाने के लिए कार्यपालक अभियंता द्वारा टेंडर प्रक्रिया पूरी कर ली गई है. उन्होंने कहा कि जल्द ही शहर की स्ट्रीट लाइट व्यवस्था दुरुस्त कर लोगों को राहत दी जाएगी.
