श्रावणी मेला की तैयारी तेज: 23 जुलाई तक सरकारी जमीन खाली करने पर होगी कार्रवाई : अंचलाधिकारी

Shravani Mela 2026 : श्रावणी मेले के मद्देनजर बाराहाट में स्थानीय प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं. फौजदारी बाबा मंदिर तक श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए बाराहाट-भागलपुर मुख्य मार्ग से अतिक्रमण हटाने का अभियान शुरू किया गया है. 23 जुलाई तक अतिक्रमण न हटाने पर कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है.

Shravani Mela 2026 : बाराहाट में श्रावण मास के दौरान फौजदारी बाबा मंदिर में जलाभिषेक के लिए आने वाले हजारों श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए स्थानीय प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं. इसी क्रम में बाराहाट-भागलपुर मुख्य मार्ग को अतिक्रमण मुक्त बनाने के लिए अभियान शुरू किया गया है. मंगलवार को अंचल प्रशासन ने ध्वनि विस्तारक यंत्र के माध्यम से सड़क के दोनों किनारों पर सरकारी भूमि पर अतिक्रमण कर दुकानें चला रहे दुकानदारों को अंतिम चेतावनी जारी की. प्रशासन ने साफ कहा कि निर्धारित समय सीमा के भीतर अतिक्रमण नहीं हटाने पर कानूनी कार्रवाई तय है.

23 जुलाई तक अतिक्रमण हटाने का अल्टीमेटम

अंचल प्रशासन ने स्पष्ट निर्देश दिया है कि सभी दुकानदार 23 जुलाई तक स्वेच्छा से सरकारी भूमि खाली कर दें. इसके बाद भी यदि अतिक्रमण बरकरार रहा तो संबंधित लोगों के विरुद्ध विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी. बाराहाट बाजार में लंबे समय से सड़क किनारे अतिक्रमण के कारण जाम की समस्या बनी रहती है. इससे स्थानीय लोगों, राहगीरों और वाहनों को रोजाना भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है. प्रशासन का मानना है कि इस अभियान से यातायात व्यवस्था में बड़ा सुधार आएगा.

मांस-मछली की खुले में बिक्री और गंदगी पर भी सख्ती

प्रशासन केवल अतिक्रमण तक सीमित नहीं है, बल्कि सड़क किनारे खुले में मांस-मछली की बिक्री और उसके अपशिष्ट के अनुचित निस्तारण पर भी पैनी नजर रखे हुए है. मुख्य सड़क पर फेंके जाने वाले अपशिष्ट से दुर्गंध फैलने के कारण राहगीरों को काफी परेशानी होती है. कई बार लोगों को नाक पर रुमाल रखकर इस मार्ग से गुजरना पड़ता है. प्रशासन का उद्देश्य श्रद्धालुओं और आम नागरिकों को स्वच्छ वातावरण उपलब्ध कराना है.

श्रद्धालुओं को मिलेगा स्वच्छ और जाममुक्त रास्ता

श्रावणी मेला शुरू होने के साथ ही फौजदारी बाबा के दर्शन और जलार्पण के लिए श्रद्धालुओं की संख्या लगातार बढ़ रही है. ऐसे में प्रशासन चाहता है कि श्रद्धालुओं को मंदिर तक पहुंचने में किसी तरह की परेशानी न हो. अंचलाधिकारी ने दोहराया कि निर्धारित समय सीमा के बाद अतिक्रमण नहीं हटाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी. स्थानीय लोगों का भी मानना है कि यदि यह अभियान प्रभावी ढंग से चला तो वर्षों पुरानी जाम की समस्या से बाराहाट बाजार को बड़ी राहत मिल सकती है और श्रद्धालुओं को भी सुगम एवं स्वच्छ मार्ग उपलब्ध होगा.

बाबाधाम जाते कांवरियों की सांकेतिक तस्वीर.


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लेखक के बारे में

अजय कुमार झा प्रिंट माध्यम में 14 वर्षों से और डिजिटल माध्यम में पिछले 4 वर्षों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. बाराहाट (बांका) क्षेत्र में काम कर रहे हैं. सामाजिक गतिविधि, खेल, इतिहास और राजनीतिक गतिविधियों की खबरों में रुचि रखते हैं.

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