Shravani Mela 2026: विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेला के दौरान बांका जिले के बेलहर प्रखंड स्थित कांवरिया पथ पर एक गंभीर मामला सामने आया है. जिलेबिया मोड़ के पास स्थित सरकारी पैक्स गोदाम भवन में कांवरिया श्रद्धालुओं से बैठने, आराम करने, खाना बनाने, पानी लेने और शौचालय उपयोग करने के नाम पर कथित रूप से पैसे वसूले जाने का आरोप लगा है. आरोप है कि खाना बनाने के लिए 200 रुपये और शौचालय उपयोग करने पर प्रति व्यक्ति 10 रुपये तक लिए जा रहे थे. इसको लेकर उत्तर प्रदेश से आए कांवरियों के एक जत्थे ने मौके पर विरोध प्रदर्शन किया और जिला प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग की.
यह मामला इसलिए भी संवेदनशील माना जा रहा है क्योंकि श्रावणी मेला के दौरान राज्य सरकार और जिला प्रशासन श्रद्धालुओं को अधिकतम सुविधाएं निशुल्क उपलब्ध कराने का दावा करते हैं. ऐसे में सरकारी भवन में कथित वसूली की शिकायत ने स्थानीय प्रशासन की व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं.
सरकारी भवन में आराम करने पर भी पैसे मांगने का आरोप
कांवरिया श्रद्धालुओं का आरोप है कि घोड़बहीयार पंचायत के नवनिर्मित और खाली पड़े पैक्स गोदाम भवन में उन्हें बैठने, आराम करने और भोजन बनाने की अनुमति केवल पैसे देने के बाद दी जा रही थी. आरोप के अनुसार पास के सरकारी चापाकल से पानी लेने पर भी पैसे मांगे जा रहे थे.
श्रद्धालुओं का कहना है कि जब वे केवल कुछ समय के लिए विश्राम करने और भोजन बनाने के लिए रुके, तब उनसे शुल्क की मांग की गई. इससे नाराज होकर उन्होंने मौके पर विरोध प्रदर्शन किया.
उत्तर प्रदेश से आए कांवरियों ने जताया विरोध
प्रदर्शन करने वाले श्रद्धालुओं ने बताया कि वे उत्तर प्रदेश के देवरिया और गोरखपुर जिलों से आए हैं और श्रावणी यात्रा पर निकले हैं. उनका कहना था कि वे जिस स्थान का उपयोग कर रहे थे, उसकी साफ-सफाई भी स्वयं कर रहे थे. इसके बावजूद उनसे कथित रूप से पैसे मांगे गए.
श्रद्धालुओं ने कहा कि सरकारी भवन में इस तरह की वसूली अनुचित है और इससे दूर-दराज से आने वाले कांवरियों को अनावश्यक परेशानी होती है.
200 रुपये भोजन बनाने और 10 रुपये शौचालय उपयोग के नाम पर लेने का आरोप
मौके पर मौजूद श्रद्धालुओं के अनुसार कथित रूप से एक व्यक्ति वहां तैनात था, जिसने बताया कि उसे पैक्स अध्यक्ष की ओर से पैसे लेने के लिए रखा गया है. आरोप है कि भोजन बनाने के लिए 200 रुपये और शौचालय उपयोग करने पर प्रति व्यक्ति 10 रुपये वसूले जा रहे थे.
यह भी आरोप लगाया गया कि सरकारी चापाकल से पानी लेने पर भी पैसे की मांग की जा रही थी. हालांकि मौके पर मौजूद व्यक्ति ने अपना नाम बताने से इनकार किया.
प्रशासन ने जांच का दिया आश्वासन
मामले को लेकर जब सहकारिता पदाधिकारी जितेंद्र कुमार से जानकारी ली गई तो उन्होंने कहा कि शिकायत की जांच कराई जाएगी. उन्होंने बताया कि यदि जांच में आरोप सही पाए गए तो दोषी व्यक्तियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी.
फिलहाल प्रशासन की ओर से जांच की प्रक्रिया शुरू करने की बात कही गई है, जबकि स्थानीय स्तर पर यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है.
Shravani Mela 2026: निशुल्क सुविधा के दावे पर उठे सवाल
श्रावणी मेला के दौरान बिहार सरकार और जिला प्रशासन की ओर से कांवरिया पथ पर भोजन, पानी, शौचालय, चिकित्सा और विश्राम जैसी सुविधाएं निशुल्क उपलब्ध कराने के लिए व्यापक व्यवस्था की जाती है. ऐसे में यदि सरकारी परिसर में कथित रूप से पैसे वसूले जा रहे थे, तो यह व्यवस्था की निगरानी और जवाबदेही दोनों पर गंभीर प्रश्न खड़े करता है.
अब स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं की नजर प्रशासनिक जांच पर टिकी है कि इस मामले में क्या कार्रवाई होती है और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं.
