श्रावणी मेला 2026 : कांवरियों के सफर को आरामदायक बनाने में जुटा प्रशासन, 55 किमी पथ पर तैयारियां तेज

Shravani Mela 2026 : विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेला 2026 की तैयारियां बांका में अंतिम चरण में हैं. 55 किलोमीटर लंबे कच्ची कांवड़िया पथ पर श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए युद्धस्तर पर कार्य चल रहा है. इस बार भक्तों को अधिक सुरक्षित और सुगम यात्रा का अनुभव मिलेगा.

कटोरिया (बांका) से दीपक चौधरी की रिपोर्ट

Shravani Mela 2026 : विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेला 2026 को लेकर बांका जिला प्रशासन ने तैयारियों को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है. आगामी 30 जुलाई से शुरू होने वाले इस महापर्व में देश-विदेश से आने वाले लाखों शिवभक्तों की सुविधा के लिए करीब 55 किलोमीटर लंबे कच्ची कांवरिया पथ पर युद्धस्तर पर कार्य चल रहा है. प्रशासन का लक्ष्य इस वर्ष श्रद्धालुओं को पहले से अधिक सुरक्षित, सुगम और सुविधाजनक यात्रा उपलब्ध कराना है.

डीएम की मॉनिटरिंग में तेजी से चल रहे हैं कार्य

बांका के जिलाधिकारी अंशुल अग्रवाल की लगातार मॉनिटरिंग में सभी विभाग निर्धारित समय सीमा के भीतर तैयारियां पूरी करने में जुटे हैं. मुंगेर जिले की सीमा स्थित धौरी से लेकर झारखंड सीमा के दुम्मा तक कांवरिया पथ पर पेयजल, शौचालय, स्नानागार, स्वास्थ्य सेवा, विद्युत आपूर्ति, सुरक्षा, स्वच्छता, प्रकाश व्यवस्था और श्रद्धालुओं के ठहराव की सुविधाओं को बेहतर बनाया जा रहा है.

धर्मशालाओं और रैन शेल्टरों का हो रहा जीर्णोद्धार


कार्यरत मजदूर.

कांवरिया पथ पर स्थित जिलेबिया मोड़, अबरखा, इनारावरण और हड़खार की सरकारी धर्मशालाओं के अलावा पर्यटन विभाग द्वारा निर्मित कैफेटेरिया और रैन शेल्टरों की साफ-सफाई, मरम्मत और रंग-रोगन का कार्य तेजी से चल रहा है. इन स्थानों पर पेयजल, शौचालय और स्नानागार की सुविधाओं को भी सुदृढ़ किया जा रहा है, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो.

कांवरिया पथ पर बिछाया जा रहा गंगा का महीन बालू

श्रद्धालुओं की पैदल यात्रा को आरामदायक बनाने के लिए पूरे कच्ची कांवरिया पथ पर गंगा का महीन बालू बिछाया जा रहा है. साथ ही सभी चापाकलों की मरम्मत, स्थायी और अस्थायी शौचालयों तथा स्नानागारों को उपयोग योग्य बनाया जा रहा है. विद्युत विभाग निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए लाइन मेंटेनेंस और अन्य आवश्यक कार्यों में जुटा है.

हर दिन गुजरते हैं एक लाख से अधिक कांवरिये

उत्तरवाहिनी गंगा के पावन तट सुल्तानगंज से गंगाजल लेकर शिवभक्त करीब 100 किलोमीटर की नंगे पांव यात्रा तय कर बाबाधाम में भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक करते हैं. श्रावणी मेला के दौरान प्रतिदिन औसतन एक लाख से अधिक श्रद्धालु इस कांवरिया पथ से गुजरते हैं. ऐसे में जिला प्रशासन उनकी सुरक्षा, सुविधा और आस्था को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए सभी व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने में जुटा है.

इस बार मिलेगा अधिक व्यवस्थित और सुरक्षित मेला

जिला प्रशासन का कहना है कि इस वर्ष श्रावणी मेला को अधिक स्वच्छ, सुरक्षित, व्यवस्थित और श्रद्धालु-अनुकूल बनाने के लिए सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ काम कर रहे हैं. लक्ष्य यह है कि बाबा भोलेनाथ के भक्तों की कांवर यात्रा हर दृष्टि से सुगम, सुरक्षित और यादगार बन सके.

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Author: Amit Kumar Sinh

Published by: Amit Kr Sinha

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