शंभुगंज में सावन माह में सुखाड़ जैसे हालात, धान की रोपाई पर लगा ब्रेक

सावन का आधा महीना बीतने के बावजूद बांका जिले में मानसून की बेरुखी जारी है. खेतों में बारिश न होने से धान की रोपाई प्रभावित है और सुखाड़ जैसे हालात बन रहे हैं. किसान बोरिंग के सहारे किसी तरह खेती बचा रहे हैं, जिससे लागत बढ़ रही है.

Banka News: बांका जिले के शंभुगंज प्रखंड में सावन का आधा महीना बीतने के बावजूद मानसून की बेरुखी ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है. खेतों में पर्याप्त बारिश नहीं होने से धान की रोपाई का काम प्रभावित हो गया है और कई इलाकों में सुखाड़ जैसे हालात बनने लगे हैं. किसान बोरिंग के सहारे किसी तरह खेतों तक पानी पहुंचाकर धान की रोपाई कर रहे हैं, जबकि पहले से रोपी गई फसल को बचाने के लिए लगातार सिंचाई करनी पड़ रही है. पानी की कमी के कारण कई खेतों में दरारें पड़ने लगी हैं, जिससे किसानों की लागत और चिंता दोनों बढ़ गई हैं.

12 हजार हेक्टेयर लक्ष्य, अब तक केवल 40 प्रतिशत रोपाई

कृषि विभाग के अनुसार इस वर्ष शंभुगंज प्रखंड में लगभग 12 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में धान की खेती का लक्ष्य निर्धारित किया गया है. इसके मुकाबले अब तक केवल करीब 40 प्रतिशत क्षेत्र में ही धान की रोपाई हो पाई है.

शुरुआती बारिश के दौरान किसानों ने किसी तरह खेत तैयार कर रोपाई शुरू की थी, लेकिन इसके बाद बारिश लगभग थम जाने से शेष खेतों में रोपाई का काम रुकने लगा है.

बोरिंग के सहारे बचाई जा रही फसल

स्थानीय किसानों का कहना है कि खेतों में नमी तेजी से खत्म हो रही है. जिन खेतों में धान की रोपाई हो चुकी है, वहां पौधों को बचाने के लिए दिन-रात बोरिंग से पानी देना पड़ रहा है.

इससे खेती की लागत लगातार बढ़ रही है और डीजल, बिजली तथा सिंचाई पर अतिरिक्त खर्च करना पड़ रहा है. छोटे और सीमांत किसानों के लिए यह स्थिति और भी कठिन होती जा रही है.

खेतों में पड़ने लगीं दरारें

लगातार बारिश नहीं होने के कारण कई बहियारों और खेतों में मिट्टी सूखने लगी है. कुछ स्थानों पर खेतों में दरारें भी दिखाई देने लगी हैं, जिससे किसानों को आने वाले दिनों में उत्पादन पर असर पड़ने की आशंका सता रही है.

ग्रामीण इलाकों में किसान आसमान की ओर टकटकी लगाए बारिश का इंतजार कर रहे हैं.

किसानों ने जताई चिंता

किसान रामजी यादव, महेश्वरी यादव, अजय सिंह, झून्ना सिंह, शरत पंजिकार, अजय यादव, गौतम मंडल, शंभु सिंह और संजय सिंह सहित अन्य किसानों ने बताया कि शुरुआती बारिश के दौरान किसी तरह धान की खेती शुरू की गई थी.

उनका कहना है कि अब पर्याप्त बारिश नहीं होने से रोपाई का काम प्रभावित हो गया है और सावन में ही सुखाड़ जैसी स्थिति बनने लगी है. किसान फसल बचाने और बाकी खेतों में रोपाई पूरी करने को लेकर परेशान हैं.

Banka News: कृषि विभाग ने दी उम्मीद

प्रखंड कृषि पदाधिकारी (बीएओ) संकेत तिवारी ने बताया कि धान की रोपाई के लिए अभी पर्याप्त समय उपलब्ध है. उन्होंने किसानों से हताश नहीं होने की अपील करते हुए कहा कि मौसम में बदलाव के साथ यदि अच्छी बारिश होती है तो रोपाई का काम तेजी पकड़ सकता है.

उन्होंने कहा कि कृषि विभाग लगातार किसानों की स्थिति पर नजर बनाए हुए है और आवश्यक सलाह एवं सहयोग उपलब्ध कराया जा रहा है.

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लेखक के बारे में

By ठाकुर विनोद कुमार

ठाकुर विनोद कुमार प्रिंट माध्यम में 15 वर्षों से और डिजिटल माध्यम में पिछले 4 वर्षों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. शंभूगंज (बांका) क्षेत्र में काम कर रहे हैं. खेल, इतिहास और राजनीतिक गतिविधियों में रुचि रखते हैं.

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