शंभुगंज. आने वाले वर्षों में बांका जिले की पहचान केवल कृषि प्रधान क्षेत्र के रूप में नहीं, बल्कि आधुनिक सड़क नेटवर्क से जुड़े एक विकसित जिले के रूप में भी होगी. बिहार की दो महत्वाकांक्षी सड़क परियोजनाएं रक्सौल-हल्दिया ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे और असरगंज से धोरैया तक प्रस्तावित फोरलेन स्टेट हाईवे-जिले के विकास को नयी दिशा देने जा रही हैं. इन परियोजनाओं को लेकर प्रशासनिक स्तर पर तैयारियां तेज कर दी गयी हैं तथा भूमि अधिग्रहण और सर्वेक्षण का कार्य तेजी से आगे बढ़ रहा हैं.
शंभुगंज, फुल्लीडुमर, अमरपुर, बांका व कटोरिया के सैकड़ों गांवों से होकर गुजरेगा एक्सप्रेसवे
जानकारी के अनुसार, करीब 800 किलोमीटर लंबा रक्सौल-हल्दिया ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे बिहार की अब तक की सबसे बड़ी सड़क परियोजनाओं में शामिल हैं. यह एक्सप्रेसवे बांका जिले के शंभुगंज, फुल्लीडुमर, अमरपुर, बांका और कटोरिया प्रखंडों के सैकड़ों गांवों से होकर गुजरेगा. प्रस्तावित एक्सप्रेसवे को आधुनिक तकनीक के अनुरूप जमीन से लगभग 20 फीट ऊंचाई पर बनाया जायेगा. इसकी चौड़ाई करीब 60 मीटर होगी और सड़क के बीच में डिवाइडर लगाया जायेगा, जिससे यातायात अधिक सुरक्षित और तेज हो सकेगा. इस परियोजना के पूरा होने के बाद उत्तर बिहार से लेकर पश्चिम बंगाल के हल्दिया बंदरगाह तक आवागमन की तस्वीर बदल जायेगी. माल परिवहन में लगने वाला समय कम होगा, व्यापारिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा और औद्योगिक निवेश के नए अवसर पैदा होंगे. एक्सप्रेसवे के निर्माण से बांका जिले के ग्रामीण क्षेत्रों को भी सीधे राष्ट्रीय स्तर की सड़क सुविधा का लाभ मिलेगा.
58.57 किमी लंबी सड़क परियोजना पर 650 करोड़ रुपये किए जायेंगे खर्च
वहीं दूसरी ओर मुंगेर जिले के असरगंज से शुरू होकर शंभुगंज, इंग्लिश मोड़, रजौन होते हुए धोरैया तक बनने वाली फोरलेन स्टेट हाईवे सड़क भी क्षेत्र के लिए बड़ी सौगात मानी जा रही हैं. लगभग 58.57 किलोमीटर लंबी इस सड़क परियोजना पर 650 करोड़ रुपये खर्च किए जायेंगे. यह सड़क बांका जिले के चार प्रमुख प्रखंडों को बेहतर सड़क संपर्क प्रदान करेगी और स्थानीय यातायात व्यवस्था को नई मजबूती देगी. इस महत्वाकांक्षी परियोजना का निर्माण कार्य बिहार स्टेट रोड डेवलपमेंट कॉरपोरेशन की देखरेख में कराया जायेगा. निर्माण का ठेका शिवालया कंस्ट्रक्शन कंपनी को दिया गया हैं. विभागीय अधिकारियों के अनुसार सड़क निर्माण को लेकर सर्वेक्षण कार्य लगभग पूरा कर लिया गया है और अब भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया को गति दी जा रही हैं. प्रशासनिक सूत्रों के मुताबिक सड़क असरगंज से निकलकर शंभुगंज बाजार, इंग्लिशमोड़, अमरपुर और रजौन होते हुए धोरैया तक जायेगी. इसके लिए प्रभावित क्षेत्रों में जमीन का भौतिक सत्यापन शुरू कर दिया गया हैं. भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया को पारदर्शी तरीके से पूरा करने के लिए राजस्व विभाग की टीम लगातार क्षेत्र का दौरा कर रही हैं.
