Banka Weather Alert : बंगाल की खाड़ी से सक्रिय मानसूनी सिस्टम का असर अब बांका में साफ दिखाई देने लगा है. मौसम विभाग ने बांका, भागलपुर और आसपास के जिलों में तेज हवा, वज्रपात और भारी बारिश की चेतावनी जारी की है. लोगों से सतर्क रहने और खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील की गई है.
मानसून हुआ सक्रिय, आज तेज बारिश और आंधी के आसार
मौसम विभाग के अनुसार मंगलवार को बांका जिले में दिनभर आसमान में काले बादल छाए रहेंगे. कई इलाकों में गरज-चमक के साथ मध्यम से भारी बारिश होने की संभावना है. इस दौरान 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवा चल सकती है. मौसम विभाग ने वज्रपात की आशंका को देखते हुए लोगों से खुले मैदान, पेड़ों के नीचे और बिजली के खंभों के पास नहीं जाने की सलाह दी है.
तापमान में आएगी गिरावट, उमस से मिलेगी राहत
लगातार सक्रिय मानसून के कारण अगले 24 घंटे में अधिकतम तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की जा सकती है. मंगलवार को जिले का अधिकतम तापमान 31 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 27 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. अगले तीन दिनों तक मौसम में कोई बड़ा बदलाव नहीं होने की संभावना है, जबकि न्यूनतम तापमान अगले पांच दिनों तक लगभग स्थिर रह सकता है.
15 जुलाई तक भारी बारिश का पूर्वानुमान
बिहार कृषि विश्वविद्यालय, सबौर की ग्रामीण कृषि मौसम सेवा और भारत मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार 15 जुलाई तक बांका जिले के एक-दो स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है. इस दौरान अधिकतम तापमान 31 से 32 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 26 से 27 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है. सुबह सापेक्षिक आर्द्रता 90 से 95 प्रतिशत तथा दोपहर में 65 से 75 प्रतिशत रहने की संभावना है. पछिया हवा 10 से 15 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल सकती है.
किसानों को धान की बुआई और रोपाई की सलाह
कृषि वैज्ञानिकों ने हाल की बारिश का लाभ उठाने की सलाह देते हुए किसानों से सबौर दीप, प्रभात, शुष्क सम्राट और सहभागी जैसी धान की किस्मों की बुआई करने को कहा है. बुआई से पहले बीजों का कार्बेन्डाजिम 2 ग्राम प्रति किलोग्राम बीज की दर से उपचार करने की सलाह दी गई है. साथ ही 10 से 15 दिन की नर्सरी में समय पर निराई-गुड़ाई करने पर भी जोर दिया गया है.
मध्यम अवधि की धान किस्मों जैसे राजेंद्र नीलम, राजेंद्र कस्तूरी और राजेंद्र श्वेता की रोपाई के लिए भी यह उपयुक्त समय बताया गया है. किसान सबौर मोती और सबौर सोना जैसी किस्मों की सीधी बुआई भी कर सकते हैं. कृषि विशेषज्ञों ने भारी बारिश की संभावना को देखते हुए खेतों में जल निकासी की समुचित व्यवस्था बनाए रखने और मौसम पूर्वानुमान के अनुसार ही कृषि कार्य करने की सलाह दी है.
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