बांका में एफसीएम थेरेपी इनिशिएटिव अभियान की हुई शुरुआत बांका. स्वास्थ्य विभाग के तत्वावधान में बांका समेत विभिन्न जिलों में एफसीएम थेरेपी इनिशिएटिव कार्यक्रम की शुरुआत गुरुवार को की गयी. जिले में मुख्य कार्यक्रम सदर अस्पताल बांका में आयोजित किया गया. सूबे के स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय ने वीडियाे कांफ्रेंसिंग के माध्यम से इसकी शुरुआत की और इस कार्यक्रम को सदर अस्पताल में लाइव देखा गया. इस दौरान सदर अस्पताल में बांका व बाराहाट प्रखंड के दर्जनों गर्भवती महिलाओं को इसका डोज दिया गया. मौके पर सीएस ने डॉ. जितेंद्र कुमार सिंह ने कहा कि एफसीएम थेरेपी विशेष रूप से गर्भवती महिलाओं के लिए है. इस दवा से महिलाओं में खून की कमी यानी एनीमिया की समस्या का समाधान संभव हो जायेगा. महिलाओं में खून की कमी दूर होगी. यह काफी आसान खुराक है. दरअसल, गर्भवती महिलाओं में हीमोग्लोबिन की समस्या दूर करने के लिए एफसीएम (फेरिक कार्बोक्सी माल्टोज इंजेक्शन) थेरेपी अभियान की शुरुआत की गयी है. इस थेरेपी में मरीज को एक बार इंजेक्शन देना होगा, जिससे हीमोग्लोबिन स्तर में तेजी से सुधार होगा. यह काफी लाभकारी व सुरक्षित दवा है. पूर्व मेें खून के स्तर को बढ़ाने के लिए गर्भवती महिलाओं को चार से पांच बार दवा चढ़ाया जाता था, अब एक ही डोज में समस्या का समाधान हो जायेगा. यह इंजेक्शन गर्भवती महिलाओं को चार से सात माह के बीच में कभी भी दिया जा सकता है. इसे चढ़ाने में महज 15 से 20 मिनट का समय लगता है. यह इंजेक्शन जिले के सभी अस्पतालों में उपलब्ध होगा. मौके पर डीआईओ डॉ. सुनील कुमार चौधरी, डॉ. विजय कुमार गुप्ता, डॉ. अनिता अरुण, डीपीएम ब्रजेश कुमार सिंह, अस्पताल प्रबंधक सुनील कुमार चौधरी, पिरामल के अश्विनी सिंह, पूनम चिग्गा, दीपांशी, मयुख, आशुतोष, रोमा कुमारी, मधु कुमारी व कंचन कुमारी मौजूद थे.
एफसीएम थेरेपी से गर्भवती महिलाओं में खून की होगी दूर : सीएस
स्वास्थ्य विभाग के तत्वावधान में बांका समेत विभिन्न जिलों में एफसीएम थेरेपी इनिशिएटिव कार्यक्रम की शुरुआत गुरुवार को की गयी
