Jeevika CM Recruitment : धोरैया प्रखंड के सैनचक पंचायत अंतर्गत पचरुखी गांव में जीविका सीएम बहाली को लेकर विवाद सामने आया है. दर्जनों ग्रामीण महिलाओं ने चयन प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया है कि सर्वसम्मति से चयन होने के बावजूद बाद में बिना कारण परिणाम बदल दिया गया. मामले को लेकर बीडीओ से हस्तक्षेप की मांग की गई है.
सर्वसम्मति से चयन के बाद बदला गया फैसला : ग्रामीण
ग्रामीणों द्वारा दिए गए आवेदन में बताया गया है कि 18 जून को पचरुखी गांव में जीविका की सीसी रेखा की मौजूदगी में समूह की बैठक आयोजित की गई थी. बैठक में सीएम पद के लिए आरती देवी (पति- रौशन यादव) और बंदना देवी (पति- कीर्तन यादव) के नाम प्रस्तावित किए गए. दोनों अभ्यर्थियों से लिखित और मौखिक पूछताछ के बाद उपस्थित समूह की महिलाओं से हाथ उठाकर मतदान कराया गया.
ग्रामीणों का आरोप है कि मतदान के बाद समूह की ओर से सर्वसम्मति से आरती देवी को सीएम पद के लिए चयनित घोषित किया गया था.
अगले दिन बदला गया निर्णय
आवेदन के अनुसार, अगले दिन जब ग्रामीणों ने सीसी रेखा से संपर्क किया तो उन्हें बताया गया कि अब आरती देवी का चयन नहीं होगा और बंदना देवी को सीएम बनाया जाएगा. ग्रामीणों का आरोप है कि बिना किसी स्पष्ट कारण के चयन प्रक्रिया में बदलाव किया गया, जिससे समूह की महिलाओं में नाराजगी है.
निष्पक्ष चयन कराने की उठाई मांग
ग्रामीणों ने बीडीओ को दिए आवेदन में पचरुखी गांव में जीविका सीएम पद के चयन की निष्पक्ष जांच कराते हुए पारदर्शी तरीके से दोबारा चयन प्रक्रिया कराने की मांग की है. आवेदन पर प्रेमा देवी, पिंकी देवी, निशा देवी, खुशबू देवी, अमृता देवी समेत दर्जनों महिलाओं के हस्ताक्षर हैं.
बीडीओ बोले- प्रतिवेदन के आधार पर होगी कार्रवाई
इस संबंध में धोरैया के प्रखंड विकास पदाधिकारी (बीडीओ) अरविंद कुमार ने बताया कि मामले की जानकारी मिली है. जीविका के बीपीएम (ब्लॉक प्रोजेक्ट मैनेजर) से प्रतिवेदन मांगा जाएगा. रिपोर्ट मिलने के बाद नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी.
