खड़हरा गांव में भगवान श्रीराम के वन गमन की कथा सुन छलक पड़े श्रद्धालुओं के आंसू

Banka News : जब कथावाचक ने भगवान श्रीराम के वन गमन और राजा दशरथ के विरह का प्रसंग सुनाया, तो कथा पंडाल में बैठे कई श्रद्धालु भावुक होकर रो पड़े. पूरा माहौल भक्ति, श्रद्धा और भावनाओं से भर उठा.

बाराहाट (बांका) से अजय कुमार झा की रिपोर्ट

खड़हरा गांव में आयोजित नौ दिवसीय रामकथा के आठवें दिन कथावाचक रवीशंकर ठाकुर ने भगवान श्रीराम के वन गमन की मार्मिक कथा सुनाकर श्रद्धालुओं को भाव-विभोर कर दिया. कथा पंडाल “जय श्रीराम” के जयकारों से गूंज उठा और श्रद्धालु भक्ति में डूब गए. कथा के दौरान कई लोग भगवान श्रीराम के त्याग और मर्यादा के प्रसंग को सुनकर अपनी आंखों के आंसू नहीं रोक सके.

पिता के वचन के लिए त्याग दिया राजपाट

कथावाचक रवीशंकर ठाकुर ने बताया कि मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम ने अपने पिता के वचन की रक्षा के लिए राजसुख, वैभव और सभी सांसारिक सुखों का त्याग कर वनवास स्वीकार किया. जैसे ही अयोध्या में श्रीराम के वन जाने की खबर फैली, पूरी नगरी शोक में डूब गई.उन्होंने कहा कि भगवान श्रीराम ने धर्म और मर्यादा की रक्षा के लिए चौदह वर्ष का वनवास स्वीकार कर आदर्श जीवन का संदेश दिया.

भावुक प्रसंग सुन रो पड़े श्रद्धालु

कथा के दौरान जब भगवान श्रीराम के राजमहल छोड़ने और राजा दशरथ के पुत्र मोह में व्याकुल होने का प्रसंग सुनाया गया, तो कथा पंडाल में मौजूद कई श्रद्धालु भावुक हो उठे. महिलाओं और बुजुर्गों की आंखें नम हो गईं. पूरा वातावरण भक्ति और श्रद्धा से भर गया.

भजन-कीर्तन ने बांधा समा

कथा मंच पर भजन-कीर्तन और मधुर संगीत की प्रस्तुति भी दी गई. वाद्य यंत्रों की सुर लहरियों ने श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया. “जय श्रीराम” के जयकारों से पूरा परिसर गूंजता रहा. श्रद्धालु देर रात तक कथा का रसपान करते रहे.

आकर्षक सजावट बनी लोगों के आकर्षण का केंद्र

कथा आयोजन स्थल और शिव मंदिर परिसर को रंग-बिरंगी लाइटों और आकर्षक सजावट से सजाया गया था. दूर से ही पूरा परिसर अद्भुत छटा बिखेरता नजर आ रहा था. बड़ी संख्या में श्रद्धालु कथा स्थल पहुंचकर धार्मिक माहौल का आनंद लेते दिखे.

प्रशासन रहा मुस्तैद

भव्य आयोजन को देखते हुए स्थानीय प्रशासन भी सुरक्षा और शांति व्यवस्था को लेकर पूरी तरह सतर्क रहा. कथा की पूरी अवधि में पुलिस बल तैनात रहा ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो.

ग्रामीणों की रही अहम भूमिका

रामकथा आयोजन को सफल बनाने में भाजपा के वरिष्ठ कार्यकर्ता राघवेन्द्र झा, पंचायत समिति सदस्य रविंद्र ठाकुर, वरिष्ठ अधिवक्ता आनंद देव चौधरी, दुर्गेश मिश्रा, मुखिया मनीष कुमार, हैंडसम कुमार, पूर्व मुखिया काशीनाथ चौधरी सहित ग्रामीणों की महत्वपूर्ण भूमिका रही.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Author: AMIT KUMAR SINH

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.

Tags

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >