NDRF Training : प्रसिद्ध धार्मिक एवं पर्यटन स्थल मंदार हिल रोपवे पर आपदा प्रबंधन को और प्रभावी बनाने के उद्देश्य से 9वीं वाहिनी राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) के अधिकारियों और जवानों के लिए तीन दिवसीय विशेष रोपवे संचालन एवं रेस्क्यू प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया. प्रशिक्षण में तकनीकी खराबी, प्राकृतिक आपदा और अन्य आपात स्थितियों के दौरान यात्रियों के सुरक्षित बचाव का व्यावहारिक अभ्यास कराया गया.
आपात स्थिति में त्वरित बचाव पर रहा फोकस
प्रशिक्षण का उद्देश्य रोपवे में किसी तकनीकी खराबी या प्राकृतिक आपदा की स्थिति में फंसे यात्रियों को कम समय में सुरक्षित बाहर निकालने की क्षमता विकसित करना था. एनडीआरएफ दल का नेतृत्व उप कमांडेंट रंजीत कुमार ने किया. उनके साथ निरीक्षक गोपाल प्रसाद सहित अन्य अधिकारी और जवान भी प्रशिक्षण में शामिल हुए.
रोपवे विशेषज्ञों ने दी तकनीकी जानकारी
मंदार हिल रोपवे के अनुभवी विशेषज्ञों ने जवानों को रोपवे की तकनीकी संरचना, सुरक्षित संचालन, नियमित रखरखाव और आपातकालीन प्रबंधन की विस्तृत जानकारी दी. प्रशिक्षण के दौरान ऊंचाई पर रेस्क्यू ऑपरेशन, विशेष उपकरणों के उपयोग, केबिन में फंसे यात्रियों को सुरक्षित निकालने की प्रक्रिया और विभिन्न आपदा परिस्थितियों में अपनाई जाने वाली मानक कार्यप्रणाली (एसओपी) का व्यावहारिक अभ्यास भी कराया गया.
विशेषज्ञों के मार्गदर्शन में हुआ प्रशिक्षण
प्रशिक्षण का संचालन रोपवे प्रबंधक मुकेश कुमार के मार्गदर्शन में किया गया. जूनियर इंजीनियर (मैकेनिकल) राजेश कुमार, सीआरएसपीएल के साइट इंचार्ज ज्यांतो मंडल और इलेक्ट्रिकल इंजीनियर प्रवीण कुमार ने लाइव डेमो के माध्यम से एनडीआरएफ टीम को तकनीकी प्रशिक्षण प्रदान किया.
यात्रियों की सुरक्षा होगी और मजबूत
विशेषज्ञों का मानना है कि इस प्रशिक्षण से भविष्य में किसी भी आपात स्थिति के दौरान एनडीआरएफ और रोपवे कर्मियों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित होगा. इससे रेस्क्यू अभियान अधिक त्वरित, सुरक्षित और प्रभावी ढंग से संचालित किए जा सकेंगे. बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं और पर्यटकों की आवाजाही वाले मंदार हिल रोपवे पर यह पहल यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है.
