धोरैया के आंगनबाड़ी केंद्र में नौनिहालों को मिला नया ड्रेस, एक जैसी पोशाक में पढ़ेंगे बच्चे, अभिभावकों से खास अपील

बांका जिले के आंगनबाड़ी केंद्रों पर बच्चों को अब एक जैसी नई पोशाकें मिल रही हैं. इस पहल से बच्चों में विद्यालय जैसा अनुशासन और एकरूपता की भावना विकसित होने की उम्मीद है. सेविकाओं ने बच्चों के बीच पोशाकें वितरित कीं.

बांका जिले के धोरैया प्रखंड क्षेत्र की बटसार पंचायत स्थित आंगनबाड़ी केंद्र नंदगोला केंद्र संख्या 218 पर गुरुवार को बच्चों के बीच पोशाक का वितरण किया गया. बाल विकास परियोजना के तहत जिले के सभी आंगनबाड़ी केंद्रों के बच्चों के लिए नई पोशाक उपलब्ध करायी गयी है. पहले बच्चों को ड्रेस खरीदने के लिए राशि दी जाती थी, लेकिन अब विभाग की ओर से तैयार ड्रेस उपलब्ध कराया जा रहा है. इसी के तहत सेविकाओं द्वारा केंद्रों पर बच्चों के बीच पोशाक वितरित की जा रही है.

अब एक जैसी पोशाक में केंद्र पहुंचेंगे नौनिहाल

आंगनबाड़ी केंद्र नंदगोला में सेविका कंचना कुमारी ने सभी बच्चों के बीच नई पोशाक का वितरण किया. इस दौरान वार्ड सदस्य रेशमा खातून और आंगनवाड़ी पोषाहार समिति की अध्यक्ष रूपा कुमारी मौजूद रहीं.

नई पोशाक मिलने के बाद बच्चों में उत्साह देखने को मिला. अब केंद्र पर आने वाले बच्चे एक जैसी ड्रेस में पठन-पाठन करते नजर आएंगे. विभाग की इस पहल से बच्चों में विद्यालय जैसी अनुशासन और एकरूपता की भावना विकसित होने की उम्मीद है.

पहले मिलती थी पोशाक की राशि, अब विभाग दे रहा ड्रेस

बताया गया कि पहले आंगनबाड़ी केंद्रों में पढ़ने वाले बच्चों को पोशाक खरीदने के लिए राशि उपलब्ध करायी जाती थी. अब विभाग की ओर से बच्चों के लिए सीधे ड्रेस उपलब्ध कराया जा रहा है. जिले के सभी आंगनबाड़ी केंद्रों पर सेविकाओं के माध्यम से बच्चों को पोशाक वितरित की जा रही है.

इस व्यवस्था से बच्चों के अभिभावकों को भी पोशाक खरीदने की परेशानी से राहत मिलेगी. साथ ही सभी बच्चों के लिए एक समान ड्रेस उपलब्ध होने से केंद्रों में बेहतर माहौल तैयार होगा.

सेविका ने अभिभावकों से की समय पर बच्चों को भेजने की अपील

पोशाक वितरण के दौरान सेविका कंचना कुमारी ने अभिभावकों से बच्चों को नियमित और समय पर आंगनबाड़ी केंद्र भेजने की अपील की. उन्होंने कहा कि बच्चों की प्रारंभिक शिक्षा और विकास में आंगनवाड़ी केंद्र की महत्वपूर्ण भूमिका है.

सामाजिक कार्यकर्ता विकास मंडल ने कहा कि आंगनबाड़ी केंद्र बच्चों की पहली ज्ञान की पाठशाला है. यहां नौनिहालों को प्रारंभिक शिक्षा के साथ पोषण और पौष्टिक आहार भी उपलब्ध कराया जाता है.

तीन से छह वर्ष के बच्चों का कराएं नामांकन

सामाजिक कार्यकर्ता ने अभिभावकों से तीन से छह वर्ष तक के सभी बच्चों का आंगनबाड़ी केंद्र में नामांकन कराने की अपील की. उन्होंने कहा कि इस उम्र में बच्चों के मानसिक और शारीरिक विकास के लिए प्रारंभिक शिक्षा और उचित पोषण बेहद जरूरी है.

पोशाक वितरण कार्यक्रम के दौरान मौजूद लोगों ने बच्चों को नियमित रूप से केंद्र भेजने और आंगनबाड़ी की गतिविधियों में उनकी भागीदारी सुनिश्चित करने पर जोर दिया. नई पोशाक मिलने के बाद नौनिहालों में भी खासा उत्साह देखने को मिला.


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By Pradeep Kumar

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