धोरैया (बांका) से प्रदीप कुमार की रिपोर्ट
Muharram 2026: मुहर्रम पर्व को लेकर धोरैया प्रखंड स्थित प्रसिद्ध कुर्मा शाही ईदगाह परिसर में आज पहलाम का आयोजन किया जाएगा. इसे लेकर शाही करबला कमेटी और स्थानीय प्रशासन की ओर से तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है.
तैयारियों में जुटी है शाही करबला कमेटी
मुहर्रम के पहलाम को लेकर कमेटी के सदस्य पिछले कई दिनों से तैयारियों में जुटे हुए हैं. आयोजन स्थल पर साफ-सफाई, आवागमन और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर विशेष इंतजाम किए गए हैं, ताकि दूर-दराज से आने वाले लोगों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना नहीं करना पड़े.
ये भी पढ़े : पंजवारा में बालू माफियाओं ने निगला चीर नदी का तटबंध, कचमचिया पातर टोला पर विस्थापन का संकट गहराया
मिर्चीनी नदी पर बनाया गया अस्थायी रास्ता
शाही ईदगाह परिसर के पीछे स्थित मिर्चीनी नदी पर बने पगडंडी नुमा पुल के समीप आवागमन को सुगम बनाने के लिए नदी में होम पाइप लगाकर रास्ता तैयार किया गया है. इससे लोगों और अखाड़ों के आने-जाने में सुविधा होगी.
बिहार और झारखंड के करीब 40 अखाड़े होंगे शामिल
शाही करबला कमेटी के अध्यक्ष एवं पूर्व मुखिया परवेज अख्तर तथा पंचायत के मुखिया दीनबंधु दीनानाथ ने बताया कि बांका जिले में कुर्मा शाही ईदगाह ऐसा इकलौता स्थल है, जहां बिहार और झारखंड के करीब 40 अखाड़ों का पहलाम होता है. यह आयोजन वर्षों से क्षेत्र की धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान बना हुआ है.
Muharram 2026: 40 से 50 हजार लोगों की उमड़ती है भीड़
आयोजकों के अनुसार हर वर्ष यहां 40 से 50 हजार लोगों की भीड़ जुटती है.बड़ी संख्या में लोग ताजिया जुलूस और अखाड़ों के पारंपरिक खेल एवं करतब देखने के लिए पहुंचते हैं. इससे स्थानीय स्तर पर व्यापारिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलता है और राजस्व की प्राप्ति होती है.
ताजिया जुलूस और करतब होंगे आकर्षण का केंद्र
मुहर्रम के अवसर पर विभिन्न क्षेत्रों से ताजिया के साथ जुलूस शाही ईदगाह परिसर पहुंचेगा. इस दौरान अखाड़ों के युवाओं द्वारा लाठी, तलवार और अन्य पारंपरिक खेलों का प्रदर्शन किया जाएगा, जो हर वर्ष लोगों के आकर्षण का प्रमुख केंद्र रहता है.
ये भी पढ़े : मुहर्रम को लेकर अलर्ट मोड में बांका पुलिस-प्रशासन, कटोरिया और चांदन में किया फ्लैग मार्च
