10 हजार दीपों से जगमगाया मंदार, पापहरिणी सरोवर का नजारा देख ठहर गयीं निगाहें, ‘दिव्य क्षेत्र मंदार’ ने खींचा ध्यान

मंदार के ऐतिहासिक पापहरिणी सरोवर के चारों ओर 'आशीर्वाद का दीया' कार्यक्रम में हजारों दीयों से अद्भुत नज़ारा बना. सरोवर के जल में झिलमिलाते दीयों और पर्वत पर 'दिव्य क्षेत्र मंदार' संदेश ने सबका मन मोह लिया.

सेवा संकल्प अभियान के तहत मंदार तराई स्थित ऐतिहासिक पापहरिणी सरोवर के चारों ओर भव्य ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम आयोजित किया गया. सरोवर के घाटों, मंदिर परिसर और मंदार पर्वत को दीपों से सजाया गया. शाम होते ही हजारों दीप एक साथ प्रज्वलित हुए तो पूरा परिसर रोशनी से नहा उठा. दीपों की जगमगाहट देखने के लिए श्रद्धालु और पर्यटक देर तक मौके पर रुके रहे.

पापहरिणी सरोवर में झिलमिलाते दीपों ने बनाया अद्भुत दृश्य

कार्यक्रम के लिए पापहरिणी सरोवर के सभी प्रमुख घाटों को दीपों से सजाया गया था. सरोवर के पानी में झिलमिलाते दीपों का प्रतिबिंब वातावरण को और आकर्षक बना रहा था. घाटों पर एक साथ जलते दीपों का दृश्य श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण रहा.

सफा अनुयायी मंदिर के समीप मंदार पर्वत पर दीपों की मदद से ‘दिव्य क्षेत्र मंदार’ लिखा गया. रोशनी के बीच पर्वत पर उभरता यह संदेश कार्यक्रम का खास आकर्षण बना रहा.

लक्ष्मी नारायण मंदिर परिसर में भी सजी दीपों की कतार

पापहरिणी सरोवर स्थित लक्ष्मी नारायण मंदिर परिसर को भी बड़ी संख्या में दीपों से सजाया गया. मंदिर के सामने बाल विकास परियोजना की सेविका-सहायिकाओं ने आकर्षक रंगोली तैयार की. रंगोली के बीच ‘आशीर्वाद का दीया’ लिखा गया और उसे दीपों से सजाया गया.

दीपों, रंगोली और मंदिर की रोशनी ने पूरे परिसर को भक्ति और सौंदर्य के रंग में रंग दिया.

समुद्र मंथन से जुड़ी है मंदार की पौराणिक मान्यता

फोटो कैप्शन : दीये की रोशनी से जगमगाता मंदार.  | Prabhat Khabar Network

मंदार को धार्मिक और ऐतिहासिक दृष्टि से विशेष महत्व प्राप्त है. पौराणिक मान्यता के अनुसार समुद्र मंथन के दौरान देवताओं और असुरों ने मंदार पर्वत को मथानी के रूप में उपयोग किया था. इसी मान्यता के कारण मंदार सदियों से श्रद्धा का प्रमुख केंद्र रहा है.

मंदार स्थित पापहरिणी सरोवर और विभिन्न धार्मिक स्थल देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं को आकर्षित करते हैं. ऐसे स्थल पर हजारों दीपों की सजावट ने इसकी धार्मिक आभा को और बढ़ा दिया.

प्रशासन ने पहले से की थी व्यापक तैयारी

कार्यक्रम को लेकर प्रशासन की ओर से घाटों की सफाई, सुरक्षा, रोशनी और दीप सज्जा की व्यापक व्यवस्था की गयी थी. नगर पंचायत के सफाई कर्मियों ने सुबह से घाटों की विशेष सफाई की. जीविका, बाल विकास परियोजना और विभिन्न विभागों के कर्मियों ने दीप रखने के स्थानों की मार्किंग और सजावट में सहयोग किया.

अद्वैत मिशन हाई स्कूल और अद्वैत मिशन ट्रेनिंग कॉलेज के विद्यार्थियों ने भी कार्यक्रम में उत्साहपूर्वक भाग लिया. विद्यार्थियों ने दीप रखने और उन्हें प्रज्वलित करने में सहयोग किया. कार्यक्रम की ड्रोन से वीडियोग्राफी और फोटोग्राफी भी करायी गयी.

अधिकारी और सामाजिक कार्यकर्ता रहे मौजूद

कार्यक्रम में बीडीओ हर्ष पराशर, सीओ अलका आर्या, थानाध्यक्ष पंकज कुमार झा, प्रभारी डीपीओ सरिता कुमारी, नगर कार्यपालक पदाधिकारी सोनाली कुमारी, अद्वैत मिशन के चेयरमैन अरविन्क्षदान मडमबथ, अद्वैत मिशन बीएड कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. शाकिब तौफीक, बीपीएम मनोज भारती, धार्मिक न्यास के शंकर सिंह, देवाशीष उर्फ निप्पू पांडे, आर्ट एंड क्राफ्ट के संवेदक प्रतिनिधि मनीष अग्रवाल, जयबंत सिंह, सोनू कुमार सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मी, सामाजिक कार्यकर्ता और अन्य गणमान्य लोग मौजूद रहे.

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लेखक के बारे में

By संजीव कुमार

संजीव कुमार पाठक प्रिंट माध्यम में 18 वर्षों से और डिजिटल माध्यम में पिछले 4 वर्षों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. बौंसी (बांका) क्षेत्र में काम कर रहे हैं. सामाजिक गतिविधि, खेल, इतिहास और राजनीतिक गतिविधियों की खबरों में रुचि रखते हैं.

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