फुल्लीडुमर (बांका) से सुधीर सिंह की रिपोर्ट :
लोहागढ़ नदी पर बना पुल अब ध्वस्त होने की कगार पर पहुंच गया है. फुल्लीडुमर और बेलहर प्रखंड को जोड़ने वाले इस महत्वपूर्ण पुल की हालत लगातार खराब होती जा रही है. पुल के नीचे अवैध बालू खनन के कारण दो पीलरों की नींव कमजोर हो चुकी है, जिससे यहां हर दिन गुजरने वाले हजारों लोगों की चिंता बढ़ गयी है.हजारों लोगों की लाइफलाइन बना हुआ है पुल
भूतनाथ मंदिर के पास स्थित यह पुल क्षेत्र के खेसर, मैदान, बनबरसा, बाजारतार, विश्वकर्मा टोला, खास ढोला, सतीघाट, बहोरना, केलाबारी, धर्मराही, पपरेवा, कोयलीजोर, नागेल, बेलडीहा, ददनीचक, बिशनपुर, गौरीपुर, अशोता, गढ़ी मोहनपुर और बसबीटटा सहित दर्जनों गांवों को जोड़ता है. प्रतिदिन हजारों लोग इसी पुल से होकर प्रखंड और जिला मुख्यालय तक पहुंचते हैं.
अवैध बालू खनन ने बढ़ाया खतरा
स्थानीय लोगों का आरोप है कि लोहागढ़ नदी में वर्षों से अवैध बालू उत्खनन किया जा रहा है. बालू माफियाओं ने नदी के स्वरूप को पूरी तरह बदल दिया है. लगातार खनन होने से पुल के दो पीलरों की नींव खोखली हो गयी है. ऐसे में भारी और मालवाहक वाहनों की आवाजाही पुल के लिए बड़ा खतरा बन चुकी है.करोड़ों की लागत से बना था पुल
जानकारी के अनुसार पूर्व रेल राज्य मंत्री और बांका के पूर्व सांसद स्व. दिग्विजय सिंह की अनुशंसा पर पुल निर्माण निगम लिमिटेड, भागलपुर द्वारा वर्ष 2013-14 में करीब 2 करोड़ 25 लाख रुपये की लागत से इस पुल का निर्माण कराया गया था. निर्माण कार्य पूरा होने के बाद वर्ष 2015 में बेलहर विधानसभा के पूर्व विधायक स्व. जनार्दन मांझी ने इसका उद्घाटन किया था.
विभागीय अनदेखी से बढ़ी चिंता
स्थानीय लोगों का कहना है कि पिछले कई वर्षों से पुल की मरम्मत या जांच नहीं करायी गयी. नतीजा यह है कि करोड़ों की लागत से बना पुल अब जर्जर हो चुका है. लोगों ने प्रशासन और संबंधित विभाग से जल्द मरम्मत कराने तथा अवैध बालू खनन पर रोक लगाने की मांग की है.बड़ा हादसा होने का डर
ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते पुल की मरम्मत नहीं हुई तो कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है. इस पुल से रोजाना सैकड़ों छोटे-बड़े वाहन गुजरते हैं, जिससे खतरा लगातार बढ़ता जा रहा है. लोगों ने प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग की है.
